चंडीगढ़। मुझ जैसा छोटा-मोटा गुंडा इस समाज को कितना नुकसान पहुंचा रहा है। असली नुकसान तो वे पहुंचा रहे हैं जो ढोंगी और सड़ी-गली समाज व्यवस्था का दारोमदार अपने ऊपर लिए बैठे हैं। वे अंदर ही अंदर इसे चूसकर खोखला बना रहे हैं।
अब भी समय है एक बार इनको धक्का देकर देखिए, फिर देखना कैसे ये बनावटी व्यवस्था चरमराकर टूट जाती है। यह दमदार संवाद नाटक द स्काउंड्रल में गुंडे की भूमिका में जेल में निशांत डोगरा ने बोला जबकि पुलिस उसे पकड़ती है और जेल में डाल देती है।
नाटक का मंचन सेक्टर 18 के टैगोर थिएटर के मिनी ऑडिटोरियम में शनिवार को हुआ। सर्किल आर्ट सोसाइटी चंडीगढ़ के कलाकारों ने इसमें अभिनय किया। यह नाटक थ्री पैनी ओपेरा पर आधारित है। इसका लेखन जर्मन नाटककार बर्तोल्त ब्रैक्थ ने किया है। निर्देशन अरुण ठाकुर ने किया है। नाटक भिखारियों, गुंडों और पुलिस के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें दिखाया गया है कि किस प्रकार भ्रष्टाचार निचले स्तर तक पहुंच गया है।