चंडीगढ़। पारंपरिक प्रणाली की शिक्षा और वर्तमान व भविष्य में कंप्यूटर से आधुनिक शिक्षा प्रणाली पर अंतर को समझाने के लिए टैगोर थिएटर सेक्टर-18 में नाटिका का मंचन किया गया। इसमें जीएमसीसीसी सेक्टर-40 के 13 अध्यापकों ने हिस्सा लिया।
इसमें बच्चों को पढ़ाने की प्रणाली को लेकर अलग-अलग पक्ष रखे गए। नाटिका में भाग ले रहे अध्यापकों ने दिखाया कि पारंपरिक ढंग की शिक्षा प्रणाली में आध्यापक और छात्र में भावनात्मक लगाव होता था। इस कारण दी गई शिक्षा को समझने व ग्रहण करने में आसानी होती थी।
भविष्य में कंप्यूटर द्वारा दी जाने वाली पढ़ाई में छात्र केवल लकीर के फकीर बनेंगे। उनमें समय के अनुसार फैसला लेना भी मुश्किल हो जाएगा