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Chandigarh News: नाटक बाड़ा -द स्लाटर हाउस में दिखाया गर्ल चाइल्ड की तस्करी का दर्द

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चंडीगढ़। काम इच्छा कभी भी खत्म नहीं होगा। जब तक यह देह है तब तक इसके ग्राहक आते रहेंगे। तब तक बिकती रहेगी। यह दर्द भरा और भावुक कर देने वाला संवाद दौलती की भूमिका में माधवी शर्मा ने बानो चाचा की भूमिका निभा रहे रोहित को कही।
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अवसर था सेक्टर-16 के पंजाब कला भवन में रविवार को नाटक बाड़ा-द स्लॉटर हाउस के मंचन का। यह आयोजन रूपक कला एवं वेलफेयर सोसायटी और बब्बी बादल फाउंडेशन पंजाब कला परिषद और एनजेडसीसी पटियाला के सहयोग से पांच दिवसीय नाट्य उत्सव के पांचवें और अंतिम दिन हुआ। महिला दिवस पर महिला निर्देशकों के निर्देशन में हुआ। नाटक की शुरुआत में खिलखिलाती लड़कियां मंच पर आती हैं। फिर धीरे-धीरे वर्ष 1960 के दशक की तरफ कहानी मुड़ती है।
महाश्वेता देवी की कहानी दौलती पर आधारित है। नाटक का निर्देशन साजिदा साजी ने किया है। ट्रेजर आर्ट्स एसोसिएशन दिल्ली के कलाकारों ने मंचन किया है। इसमें चार महिलाओं की दर्द की कहानियां हैं। नाटक में देश के विभिन्न भागों में बंधुआ मजदूरों, गर्ल चाइल्ड तस्करी, यौन शोषण और यौनकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार की क्रूर वास्तविकताओं का चित्रण है।
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नाटक का उद्देश्य लोगों को दौलती की मनोवैज्ञानिक और शारीरिक यात्रा से रूबरू कराता है। उसे बहकाकर उसे यौनकर्मी के रूप में बंधुआ मजदूर बनने के लिए मजबूर किया गया है। नाटक में दिखाया गया कि आजादी के बाद भी लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं।
नाटक में माधवी शर्मा ने दौलती, शाहीन शेख ने रामप्यारी, श्वेता श्रीवास्तव ने सोमनी, रचना यादव ने झालो, चेतन श्रीवास्तव ने परमानंद, रोहित कुमार ने बानो चाचा, अवनीश चंद्र झा ने किशन और शोहरत अली खान ने बैजनाथ की भूमिका निभाई। बी रमन ने प्रकाश पर काम किया। संगीत पर आर्यन पंत ने काम किया।
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