चंडीगढ़। चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में गोल्फर्स के किट ले जाकर दिहाड़ी कमाने वाले कैडियों को परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो गया है। शुक्रवार को इन्हें थोड़ा राहत मिली। चंडीगढ़ गोल्फ क्लब ने इन्हें दो हजार रूपये की राशि और राशन देकर मदद की।
बता दें कोरोना वायरस के चलते चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में कोई भी टूर्नामेंट का न तो आयोजन किया जा रहा है और न ही क्लब के सदस्य खेलने को आ रहे हैं। ऐसे में रोजाना मिलने वाली दिहाड़ी से मिलने वाले पैसे बंद हो गए हैं और परिवार में खाने पीने की दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है।
गुजारा मुश्किल हुआ : रवि
बापूधाम कॉलोनी के रवि चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में पिछले कई सालों से कैडी का काम करते हैं। कोरोना वायरस के चलते इन दिनों क्लब बंद है। रवि ने बताया कि जब क्लब चलता था तो वह एक दिन में तीन सौ रूपये की कमाई कर लेते थे। क्लब पिछले महीने की 22 तारीख से बंद पड़ा है। अब परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है।
पत्नी के बचाए पैसे से दो-चार दिन चला गुजारा : मनोज
मनोज कुमार पिछले दस साल से चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में कैडी का काम कर रहे हैं। वह गांव कांसल में अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रह रहे हैं। मनोज ने कहा वह तीन से चार सौ रूपये की दिहाड़ी लेते थे। पत्नी ने कुछ पैसे जोड़ रखे थे जिससे कुछ खाने लायक गुजारा दो तीन चलाया था, अब काफी मुश्किल हो रही हैं।
लोगो से मदद लेकर चला रहे गुजारा : भरत
बापू धाम कॉलोनी सेक्टर- 26 के रहने वाले भरत कुमार का भी यही हाल है। उनकी पत्नी और दो छोटे छोटे बच्चे हैं। भरत कुमार ने बताया कि वह पिछले दस साल से चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में बतौर कैडी का काम करते आ रहे हैं। आज तक ऐसी स्थिती का सामना नही किया था। क्फर्यू के चलते क्लब में होने वाली प्रतियोगिताएं बंद पड़ी है। आर्थिक स्थिती का सामना करना पडा रहा है। अपने जानकारों से मदद के सहारे काम चल रहा हैं।
परिवार पालना हुआ मुश्किल : किरपाल
कैडी का काम करने वाले किरपाल धनास मेें अपनी पत्नी, बच्चे, मां, बांप के साथ रहते हैं। चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में रोजाना की दिहाड़ी से ही घर का काम चलता है। पिछले 12 सालों से क्लब में कैडी का काम करते आ रहे हैं। कोरोना के चलते उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है।