चंडीगढ़ के जेम्स होटल की ओर से बैंक अधिकारियों और अन्य के खिलाफ आपराधिक शिकायत की अर्जी जिला अदालत में दी गई है। अर्जी में कहा गया है कि बैंक अधिकारियों और अन्य लोगों ने होटल परे जबरदस्ती कब्जा करने की कोशिश की। अदालत ने होटल मालिक के बयान दर्ज कराने के लिए 21 दिसंबर का नोटिस जारी किया है।
इस वर्ष 26 अगस्त की इस घटना में काफी संख्या में लोग होटल परिसर में दाखिल हो गए थे। होटल प्रबंधन की ओर से पंजाब नेशनल बैंक के जनरल मैनेजर, 20 अन्य लोगों और भीड़ की अगुआई करने वाली एक राजनीतिक पार्टी के नेता के खिलाफ दायर की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना के दिन यूटी के तहसीलदार तीन-चार व्यक्तियों के साथ होटल में जबरस्ती घुस गए थे।
इसमें बैंक के अधिकारी और भारतीय जनता युवा मोर्च के नेता भी शामिल थे। जिस वक्त होटल में भीड़ दाखिल हुई तब वहां पर मेहमान ठहरे हुए थे, साथ ही परिधानों की प्रदर्शनी भी लगी हुई थी। एक मैनेजर ने जब होटल में भीड़ को घुसते देखा तो उसने सिक्योरिटी गार्ड को होटल के बाहरी गेट को भीतर से लॉक करने को कहा था। इसके बावजूद 20 से ज्यादा लोग होटल की बेसमेंट में दाखिल हो गए। शिकायत में कहा गया है कि भीड़ में से पांच लोग होटल के सर्वर रूम में दाखिल हो गए। तब होटल के कर्मी देविंदर जीत ने होटल के डाटा से संबंधित हार्ड डिस्क कंप्यूटर से निकाल कर अपने पास रख ली। भीड़ ने जबदस्ती उनके हाथ से डिस्क छिन ली। इसके बाद जब होटल के फूड एंड ब्रिवेज सचिन शर्मा ने भीड़ को रोकने का प्रयास किया तो उन्हें धकेल दिया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया तब नाश्ता करने आए कुछ मेहमान इतना घबरा गए कि कई लोगों ने नाश्ता नहीं किया।