शहर में आगामी निगम चुनाव के लिए वार्ड आरक्षण की नोटिफिकेशन को चुनौती देने वाली याचिका पर वीरवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट फैसला सुनाएगा।
मामले में याची ने रोटेशन पॉलिसी का पालन न करने और राजनीतिक फायदा पहुंचाने के लिए कुछ वार्डों को बार-बार आरक्षित करने का आरोप लगाया था। अब तक कई पार्टियों के स्टार प्रचारक भी शहर में आ चुके हैं।
ऐसे में अब हाईकोर्ट के आदेश बेहद अहम होंगे, क्योंकि हाईकोर्ट यह स्पष्ट कर चुका है कि निगम चुनाव की स्थिति अदालती फैसले पर निर्भर होगी। ऐसे में अदालत का फैसला ही कई उम्मीदवारों का भविष्य भी तय करेगा।
मामले में याचिका दाखिल करते हुए डॉ. सतपाल गोयल व अन्य ने कहा है कि निगम चुनावों के लिए वार्डों को आरक्षित करने की जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है, वह सही नहीं है।
प्रशासन द्वारा 10 अक्तूबर की नोटिफिकेशन के माध्यम से कुछ वार्डों को आरक्षित करने का फैसला लिया गया है। याची ने कहा कि जो नोटिफिकेशन निकाली गई है वह राजनीतिक लाभ देने की मंशा से निकाली गई है।