चंडीगढ़। जिला अदालत ने करीब चार साल पुराने एक हत्या के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की कि यह मामला भले ही रेयर ऑफ रेयरेस्ट की श्रेणी में न आए लेकिन अपराध की गंभीरता ऐसी है कि किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती।
अदालत ने दीपक उर्फ टिंडा और रोहित को शिकायतकर्ता पर जानलेवा हमला करने और उसके भाई की हत्या का दोषी ठहराया है। फैसले में कहा गया कि सुनियोजित तरीके से की गई हिंसा समाज के लिए घातक है और ऐसे मामलों में कठोर सजा ही कानून का संदेश देती है।
सजा पर बहस के दौरान दोषियों ने खुद को पहली बार अपराध में लिप्त बताया और पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देकर रियायत की मांग की। हालांकि, सरकारी वकील ने तर्क दिया कि दोनों ने मिलकर एक युवक की हत्या की और दूसरे को गंभीर रूप से घायल किया इसलिए राहत का कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने सरकारी पक्ष से सहमति जताते हुए दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ यह भी स्पष्ट किया कि ट्रायल के दौरान जेल में बिताई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
मामले के अनुसार, रामदरबार फेज-2 के रहने वाले विशाल ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि वह अपने छोटे भाई सज्जन के साथ मार्केट में मोमोज खाने गया था। रात करीब नौ बजे घर लौटते समय दीपक, रोहित और उनके चार-पांच साथियों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने रंजिशन तलवार, चाकू, पंच और पत्थरों से दोनों भाइयों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान एक आरोपी ने सज्जन पर घातक वार किया जबकि अन्य ने विशाल पर हमला किया। घटना में घायल दोनों भाइयों को सेक्टर-32 अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान सज्जन की मौत हो गई। मामले में सेक्टर-31 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था।