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Chandigarh: सेक्टर 4 के पार्क में बने गोल्फ कोर्स को निगम ने हटाया, जमीन समतल करवाई, लोगों ने किया विरोध

Thu, 19 Oct 2023 02:22 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

शहर के वरिष्ठ वकील एमएल सरीन ने निगम की कार्रवाई को लेकर ट्विटर पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि यह सेक्टर-4 के इतिहास में दुखद दिन है। निगम कर्मियों ने बिना किसी अधिकारी के आदेश, बिना किसी सुनवाई और खूबसूरत हरे पार्क को ध्वस्त कर दिया।
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समतल किया गया पार्क - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ नगर निगम ने बुधवार को सेक्टर-4 स्थित एक पब्लिक पार्क से गोल्फ कोर्स को हटा दिया। निगम ने करीब 9 दिन पहले स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को सौंदर्यीकरण के नाम पर बनाए गए गोल्फ प्रैक्टिस एरिया को हटाने के आदेश दिए थे।

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आरडब्ल्यूए की तरफ से कोई जवाब नहीं आने पर बुधवार को निगम के कर्मचारियों ने पार्क में मिट्टी को खोद दिया और फिर बाद में उसे बराबर किया गया। अमर उजाला ने 9 अक्तूबर के अंक में 'रसूखदारों ने पार्क को बना डाला गोल्फ कोर्स... सोते रहे अधिकारी' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया था कि सेक्टर-4 स्थित पानी की टंकी के पास के पार्क को कुछ लोगों ने सौंदर्यीकरण के नाम पर गोल्फ कोर्स बना दिया है। वहां शाम को कई लोग गोल्फ की प्रैक्टिस करते नजर आते हैं।

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खबर प्रकाशित होने के अगले ही दिन नगर निगम ने स्थानीय आरडब्ल्यूए को नोटिस भेजा था और पार्क के अंदर गोल्फ प्रैक्टिस एरिया के लिए जो भी बदलाव किए गए हैं, उसे हटाने के आदेश दिए थे। कोई जवाब नहीं आने के बाद बुधवार को दोपहर में नगर निगम के चार ट्रैक्टर, तीन ट्रक और एक जेसीबी पार्क के अंदर पहुंची और उन्होंने उस एरिया को खोदना शुरू कर दिया, जहां गोल्फ प्रैक्टिस एरिया के लिए बदलाव किए गए थे। स्थानीय लोगों की तरफ से निगम की इस कार्रवाई का विरोध भी किया गया और इस कार्रवाई रोकने का भी प्रयास किया लेकिन कार्रवाई नहीं रुकी और कुछ ही देर में ट्रैक्टर की मदद से पहले मिट्टी खोदी गई और बाद में उसे बराबर किया गया।

निगम ने आरडब्ल्यूए को एमओयू रद्द करने के लिए 15 दिन का नोटिस भी दिया है। अगर निगम जवाब से संतुष्ट नहीं होता है तो आरडब्ल्यूए का एमओयू भी रद्द हो सकता है। नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने कहा कि नियमों के अनुसार ही यह कार्रवाई की गई है।
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सरीन ने आपातकाल के दौर से की कार्रवाई की तुलना
शहर के वरिष्ठ वकील एमएल सरीन ने निगम की कार्रवाई को लेकर ट्विटर पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि यह सेक्टर-4 के इतिहास में दुखद दिन है। निगम कर्मियों ने बिना किसी अधिकारी के आदेश, बिना किसी सुनवाई और खूबसूरत हरे पार्क को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने लिखा कि इस कार्रवाई ने 1975-76 के आपातकाल की याद दिला दी। वह काल भी इतना बुरा नहीं था। लिखा कि कानून के शासन के तहत, हर कोई सुनवाई का अवसर पाने का हकदार है लेकिन यहां आरडब्ल्यूए को इससे इन्कार कर दिया गया।

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