चांद छुपा बादल में... 40 मिनट के इंतजार के बाद खिले सुहागिनों के चेहरे
चांद छुपा बादल में... 40 मिनट के इंतजार के बाद खिला करवाचौथ का चांद
चांद ने 40 मिनट छकाया, फिर दीदार देकर सुहागिनों के चेहरे खिलाया
सब हैड
चांद की एक झलक को तरसीं नजरें, दीदार होते ही खिल उठीं सुहागिनें
सुखना लेक पर चांद टिकी रहीं हजारों नजरें, निकलते ही गूंज उठे पटाखे
सोलह शृंगार कर पहुंचीं महिलाएं, छलनी से चांद देखा और पति के हाथों पानी पीकर खोला व्रत
चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में करवाचौथ की धूम, सुहागिनों ने मांगी पति की लंबी उम्र की कामना
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। हाथों में पूजा की थाली, चेहरे पर बेसब्री और आंखों में चांद के दीदार की आस... करवाचौथ की रात ट्राइसिटी में हर नजर आसमान पर टिकी थी। सुखना लेक पर नजारा बेहद दिलकश था। सोलह शृंगार कर पति के साथ पहुंचीं सुहागिनों का इंतजार बढ़ता जा रहा था और बादल चांद के साथ आंख-मिचौली खेल रहे थे। घड़ी की सुइयां आगे बढ़ीं लेकिन चांद के दर्शन नहीं हुए। आखिरकार करीब 8:45 से 8:50 बजे के बीच चांद बादलों से बाहर निकला तो चेहरों पर मुस्कान खिल उठी। पटाखों की गूंज से चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला का माहौल उत्सवमय हो गया।
किसी के हाथ में छलनी और दीपक था तो कोई पूजा की थाली संभाले चंद्रमा के निकलने का इंतजार कर रही थी। चांद दिखते ही महिलाओं ने छलनी से चंद्र दर्शन किए, पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की। फिर पति के हाथों पानी पीकर दिनभर का निर्जला व्रत खोला।
पारंपरिक परिधानों और आभूषणों में सजी महिलाओं ने इस खास पल को कैमरे में भी कैद किया। कई परिवार साथ पहुंचे थे। लंबे इंतजार के बाद चांद के दीदार ने उनकी खुशी दोगुनी कर दी। सुखना लेक पर कहीं पूजा की रस्में निभाई जा रही थीं, तो कहीं हंसी-खुशी के बीच तस्वीरें खिंच रही थीं। आसमान में निकले चांद के साथ सुहाग, प्रेम और विश्वास का त्योहार अपने सबसे खूबसूरत मुकाम पर पहुंच गया।