फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: 10 साल तक निजी एजेंसी के हवाले होंगी शहर की 55 हजार 45 स्ट्रीट लाइटें

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। शहर की वी-1 से वी-6 सड़कों पर लगी 55,045 स्ट्रीट लाइटों के आधुनिकीकरण की तैयारी नगर निगम ने शुरू कर दी है। पूरे सिस्टम को 10 साल के लिए निजी एजेंसी के हवाले करने का मॉडल तैयार किया गया है। इसके तहत सेंट्रलाइज्ड कमांड एंड मॉनिटरिंग सिस्टम के 1,281 पैनल सेक्टर-17 स्थित आईसीसीसी से जोड़े जाएंगे, जबकि 7,671 लाइटों पर व्यक्तिगत नियंत्रक लगाए जाएंगे। हर लाइट को जीआईएस में दर्ज कर क्यूआर कोड से टैग किया जाएगा। इससे बंद लाइट, टूटे पोल और अन्य खराबियों की जानकारी निगम अधिकारियों के मोबाइल या डैशबोर्ड पर मिल सकेगी। पार्षद भी अपने वार्ड की लाइटों की स्थिति देख सकेंगे।
विज्ञापन

निगम ने 2018-19 में ईईएसएल के जरिए 45,871 एलईडी प्वाइंट और 681 सेंट्रलाइज्ड कमांड एंड मॉनिटरिंग सिस्टम पैनल लगाए थे। अब कई पुरानी एलईडी की रोशनी कम हो गई है और कई पैनल काम नहीं कर रहे। इससे दिन में भी लाइटें जलने पर बिजली की खपत बढ़ रही है। निगम ने पुरानी एलईडी को नई हाई-एफिशिएंसी एलईडी से बदलने का फैसला किया है।
नई व्यवस्था में निजी एजेंसी पहले अपनी लागत से लाइट, पोल और वायरिंग समेत जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड करेगी। निगम 240 दिनों में काम की लागत का 90 प्रतिशत भुगतान करेगा, जबकि 10 प्रतिशत राशि 10 साल के संचालन और रखरखाव के लिए निर्धारित होगी। खराब वायर और गायब पोल बदलने की जिम्मेदारी भी एजेंसी की होगी। पुरानी लाइट और फिटिंग खरीदने के बाद उसकी कीमत टेंडर लागत से घटानी होगी।
विज्ञापन

कंपनी पर जुर्माने का प्रावधान
टेंडर में शिकायत केंद्र पर कर्मचारी नहीं बैठाने पर 500 रुपये प्रतिदिन, जंक्शन पर कर्मचारी नहीं भेजने पर 100 रुपये प्रतिदिन और मोबाइल एप काम नहीं करने पर 1,000 रुपये प्रतिदिन जुर्माने का प्रावधान है। पोल नहीं बदलने पर देरी के अनुसार 400 रुपये और वायर को पोल के अंदर नहीं करने पर 200 रुपये प्रति पोल जुर्माना लगेगा।
बिजली बचत का लाभ निगम को
नई एलईडी से बिजली बिल में होने वाली बचत का पूरा लाभ नगर निगम को मिलेगा। एजेंसी को 10 साल तक तय मासिक शुल्क पर संचालन और रखरखाव करना होगा। दूसरे साल से रखरखाव शुल्क में पांच प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान है। निगम के मुख्य अभियंता संजय अरोड़ा ने बताया कि 55 हजार से अधिक लाइटों को आधुनिक एलईडी में बदलने का टेंडर जारी किया गया है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें