करनाल के कंबोपुरा गांव के पूर्व सरपंच को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी एमएलए ओमप्रकाश जैन की जमानत अर्जी के विरोध में सीबीआई ने स्पेशल कोर्ट में जवाब दाखिल किया।
सीबीआई ने अपने जवाब में कहा है कि जैन एक बड़े अपराध में आरोपी हैं। इस वारदात में सह आरोपी की पहले ही जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। लिहाजा जैन को भी जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
अंबाला जेल में बंद जैन ने मेडिकल ग्राउंड पर जमानत मांगी थी। जैन ने अर्जी में कहा था कि वह 65 साल के बुजुर्ग हैं और डायबिटीज के साथ-साथ दिल के भी मरीज हैं।
डॉक्टरों ने बाईपास सर्जरी के लिए कहा है। सीबीआई काउंसलर डीएस चावला ने मेडिकल ग्राउंड पर कोर्ट में कहा कि इलाज कस्टडी में भी हो सकता है। इससे पहले भी जैन को मेडिकल सुविधाएं मुहैया कराई जा चुकी हैं।
मालूम हो कि चार जनवरी को एमएलए ओपी जैन, एमएलए जिलेराम शर्मा व जैन के पीए राजेंद्र शर्मा पर करनाल के गांव कंबोपुरा के पूर्व सरपंच करम सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप तय हो चुके हैं।