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Chandigarh News: खरीदार को प्लॉट नहीं, केवल मुआवजा मिलेगा

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मोहाली। जमीन अधिग्रहण से जुड़े एक मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने के बाद जमीन खरीदने वाले व्यक्ति को भूमि पूलिंग या वैकल्पिक प्लॉट का अधिकार नहीं मिलेगा, बल्कि वह केवल मुआवजे का हकदार होगा।
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मामला गांव सियाऊ की 1 कनाल जमीन से जुड़ा है, जिसे सरकार ने एयरोसिटी के पास एरोट्रोपोलिस प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित किया था। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार जमीन की मूल मालिक कलावंती थीं। वहीं योगेश किशन भल्ला ने 23 फरवरी 2021 को उक्त जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवाई और भूमि पूलिंग नीति 2021 के तहत प्लॉट की मांग की। अदालत में पेश रिकॉर्ड के अनुसार सरकार द्वारा इस जमीन के अधिग्रहण की प्रारंभिक अधिसूचना 17 अक्टूबर 2019 को जारी कर दी गई थी। कानून के तहत इस अधिसूचना के बाद बिना कलेक्टर की अनुमति जमीन की खरीद-फरोख्त अवैध मानी जाती है। बावजूद इसके, संबंधित जमीन की रजिस्ट्री बाद में की गई।

अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अधिसूचना के बाद की गई कोई भी खरीद-फरोख्त शून्य मानी जाएगी और ऐसे खरीदार को भूमि पूलिंग योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में खरीदार केवल मुआवजे का दावा कर सकता है। फैसले में यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित खरीदार ने अदालत में सक्रिय रूप से अपना पक्ष नहीं रखा, जिससे उसका दावा और कमजोर हुआ। अंत में अदालत ने जीएमएडीए को निर्देश दिए कि संबंधित जमीन का मुआवजा कानून के अनुसार दावेदार को दिया जाए लेकिन उसे किसी भी प्रकार का वैकल्पिक प्लॉट या भूमि पूलिंग का लाभ नहीं मिलेगा।
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