हरियाणा के चर्चित आईएएस अशोक खेमका पर पंचकूला में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में दर्ज एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर 29 नवंबर तक रोक जारी रखने का आदेश दिया है।
खेमका के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में पंचकूला के सेक्टर पांच थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। हरियाणा वेयरहाऊस कॉर्पोरेशन में मैनेजर के पद पर हुई भर्ती में घोटाले की बात उजागर हुई थी। इस मामले में कॉर्पोरेशन के एमडी संजीव वर्मा ने पंचकूला पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत को आधार बनाते हुए पंचकूला पुलिस ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में केस दर्ज किया था। इस मामले में खेमका का नाम सामने आया था क्योंकिं भर्तियों के समय अशोक खेमका एमडी थे।
इस मामले में एफआईआर को रद्द करने की अपील करते हुए खेमका ने हाईकोर्ट की शरण ली है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के तौर पर वर्तमान में खेमका अपनी सेवाएं दे रहे हैं। याचिका में एफआईआर को रद्द करने की अपील करते हुए खेमका ने दलील दी कि वह प्रथम श्रेणी अधिकारी हैं और सेवा नियमों के तहत उन पर सीधे एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती।
खेमका ने कहा कि उनके खिलाफ यह एफआईआर रंजिशन करवाई गई है। हरियाणा सरकार ने इस मामले में जवाब की मोहलत मांगी और बताया कि अभी तक खेमका के खिलाफ केस चलाने की अनुमति सरकार ने नहीं दी है। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने सुनवाई 29 नवंबर तक स्थगित कर दी।