चंडीगढ़। जिला अदालत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने महिला से जबरन देह व्यापार करवाने के मामले में आरोपी सर्बजीत सिंह उर्फ रॉकी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। बचाव पक्ष के वकील ने सुनवाई के दौरान दलील दी कि याची का इस पूरे मामले से कोई लेना देना नहीं है और उसे झूठा फंसाया जा रहा है।
बता दें कि पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि 5-6 साल पहले उसकी मुलाकात कुणाल उर्फ गैरी से हुई थी जिसके बाद वह अच्छे दोस्त बन गए। उसे कुणाल और अविनाश कुमार और सर्बजीत सिंह उर्फ रॉकी के वेश्यावृत्ति के धंधे में होने की जानकारी नहीं थी। इन्होंने पीड़िता पर दबाव डालकर उसे वेश्यावृत्ति करने के लिए मजबूर किया। कुछ समय बाद ही वह उनके चंगुल से छूटकर अपने गांव चली गई। 5-6 महीने पहने एक महिला ने मामले के आरोपियों के साथ मिलकर पीड़िता को फोन किया और धमकाना शुरू कर दिया। आरोपियों ने पीड़िता से 20 लाख रुपये की मांग भी की। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुुरू कर दी थी।