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Chandigarh News: यूट्यूबर सुनील की धर-पकड़ तेज, गिरफ्तारी के बाद बढ़ेगी कमेटी की जांच

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यूट्यूबर सुनील की धर-पकड़ तेज, गिरफ्तारी के बाद बढ़ेगी कमेटी की जांच
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यौन-शोषण के आरोप मामला

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एक आला पुलिस अधिकारी के खिलाफ अपने सहकर्मियों के साथ यौन-शोषण के कथित आरोप की जांच में गठित कमेटी की प्रक्रिया जींद निवासी यूट्यूबर सुनील कपूर के आसपास घूम रही है। सुनील कपूर की जल्द गिरफ्तारी फिर उसे जांच में शामिल कर शिकायत की सच्चाई मालूम करने की कवायद कमेटी ने जींद पुलिस के साथ मिलकर तेज कर दी है। अधिकारी के खिलाफ यौन शोषण के आरोप के मामले को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बदनाम करने की मंशा में जींद की सिविल लाइन पुलिस ने सुनील पर केस दर्ज किया है।

सूत्रों के मुताबिक कमेटी यूट्यूबर से पूछताछ के बाद शिकायती चिट्ठी की सच्चाई उजागर करना चाहती है, ताकि जांच को सही दिशा में लेकर जाया जा सके। अभी तक कमेटी को जांच में आरोपों पर मजबूत साक्ष्य नहीं मिला है। वहीं, कथित तौर पर आरोपी अधिकारी भी वायरल चिट्ठी को गलत बता चुका है। अब यूट्यूबर के बयान और उसके द्वारा कमेटी को मिलने वाले साक्ष्य का मिलान होने पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। मामले की प्रारंभिक जांच फतेहाबाद की एसपी आस्था मोदी ने शुरू की थी। इसके बाद एडीजीपी ममता सिंह, डीआईजी संगीता कालिया और एसपी आस्था मोदी की एक जांच कमेटी गठित की गई है।
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वहीं, यूट्यूबर मामले के जांच अधिकारी एसपी दीपक सहारण को कई तथ्य मिले हैं, जिससे मामले में यूट्यूबर की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। एसपी के मुताबिक मामले की शिकायत अफसरों को भेजने में इस्तेमाल ईमेल आईडी एक निजी वाईफाई कनेक्शन से बनाई गई थी, वह कनेक्शन सुनील कपूर के नाम पंजीकृत था।
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आज महिला आयोग में डीएसपी-एसएचओ के होंगे बयान दर्ज
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया के समक्ष वीरवार को मामले में तत्कालीन डीएसपी और एसएचओ के बयान दर्ज होंगे। साथ ही चिट्ठी में शामिल सात महिला कर्मियों के बयान भी दर्ज होंगे। वहीं, एसपी आस्था मोदी को पूरी जांच रिपोर्ट भी सौंपनी है। इससे पूर्व आरोप में फंसा अफसर महिला आयोग के दफ्तर में पहुंचकर अपना बयान दर्ज करवा चुका है।
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