शिक्षा विभाग ने ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों के लिए राहत भरा निर्णय लिया है। ठेकेदार वेतन देने में हेराफेरी न करे और समय पर वेतन दे इसलिए विभाग नया पोर्टल शुरू करने जा रहा है। इसके साथ ही अब कर्मचारियों की हाजिरी ऑनलाइन लगेगी। इससे विभाग के अंतर्गत काम कर रहे 300 कर्मचारियों और 85 काउंसलरों को लाभ मिलेगा।
एजुकेशन डिपार्टमेंट आउटसोर्स पर्सन नाम से शुरू होने जा रहे पोर्टल पर ठेकेदार और कर्मचारियों की लॉगिन आईडी बनेगी। पोर्टल पर कर्मचारियों की वेतन संबंधी सब जानकारी ठेकेदार द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी। ठेकेदार को इस पर वेतन की राशि से लेकर तारीख तक सब सम्मिलित करना होगा। कर्मचारियों की संख्या और उनकी पहचान को लेकर कोई गड़बड़ी नहीं होगी। अब तक कर्मचारियों की हाजिरी रजिस्टर पर लग रही थी।
अगले 10 दिन में विभाग पोर्टल को जारी कर देगा। इससे कागजी काम सब खत्म हो जाएगा और वेतन को लेकर विभाग बेहतर निगरानी कर पाएगा। पोर्टल के जरिए तनख्वाह आवंटन प्रक्रिया में सरलता आएगी और विभाग के पास 24 घंटे डाटा उपलब्ध रहेगा। - हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़, स्कूल शिक्षा निदेशक।
कर्मचारियों को पोर्टल नहीं जिम्मेदार अधिकारियों की जरूरत है जो उनकी शिकायतों पर कार्रवाई करे। वेतन को ऑनलाइन माध्यम से ही दिया जाता है फिर भी ठेकेदार कर्मचारियों को समय पर तनख्वाह नहीं देते। कर्मचारियों की शिकायतें महीनों भर विभाग में पड़ी रहती हैं। जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जाती। - रणजीत मिश्रा, यूटी चंडीगढ़ सबोर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन अध्यक्ष।