मनीमाजरा। मौली जागरां से रेलवे स्टेशन जाने वाली सड़क पर बना प्राचीन शिव मंदिर कभी पीपल के पेड़ के नीचे छोटा पूजास्थल था। अब यह एक विशाल मंदिर का रूप ले चुका है।
1992 में जब मौली जागरां कॉलोनी बनी और लोगों ने यहां रहना शुरू किया। इसी दौरान यहां इस मंदिर की शुरुआत हुई थी। मंदिर कमेटी के पहले प्रधान रहे और मौजूदा चेयरमैन बाल किशन ने बताया कि शुरू-शुरू में पीपल के पेड़ के शिवलिंग स्थापित करके पूजा शुरू की गई थी। इसके बाद यहां धीरे-धीरे लोगों के सहयोग से मंदिर बनता गया। सबसे ज्यादा सहयोग रेलवे कॉलोनी के लोगों ने दिया।
मंदिर कमेटी के प्रधान भाग सिंह सैनी ने बताया कि सबसे पहले भगवान श्री हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की गई, उसके बाद फिर अन्य मूर्तियां स्थापित हुईं। अब यहां मंदिर की पक्की इमारत और पूरा विशाल मंदिर बन चुका है। जिसमें आज भी रोजाना मौली कांप्लेक्स के अलावा रेलवे कॉलोनी में रहने वाले लोग आकर सावन के महीने में शिवालय पर जल चढ़कर पूजा कर रहे हैं।
प्रधान भाग सिंह सैनी पिछले 17 साल के मंदिर कमेटी के प्रधान हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर में शिवरात्रि और जन्माष्टमी का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।