चंडीगढ़। चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज ने नई औद्योगिक नीति को केवल घोषणा तक सीमित न रखकर आपत्तियों के निस्तारण के बाद प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की है। चैंबर का कहना है कि इससे चंडीगढ़ के उद्योगों को नई गति मिलेगी।
चैंबर के उपाध्यक्ष नवीन मंगलानी ने कहा कि नई औद्योगिक नीति का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब इसमें पीएमओ के अधीन गठित विनियमन मुक्ति कार्यबल की प्रमुख सिफारिशों को लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उच्च एफएआर, औद्योगिक गतिविधियों में उदारता, अतिरिक्त प्रोत्साहन और लीजहोल्ड को फ्रीहोल्ड में बदलना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
उन्होंने कहा कि जब तक लीजहोल्ड को फ्रीहोल्ड नहीं किया जाता, केंद्र शासित प्रदेश में उद्योगों का दीर्घकालिक अस्तित्व खतरे में रहेगा। नवीन मंगलानी ने याद दिलाया कि वर्ष 2015 की औद्योगिक नीति व्यापक विचार-विमर्श के बाद बनी थी, लेकिन उसके अधिकांश प्रावधान लागू नहीं हो सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार प्रशासन ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अनुरूप गंभीरता से नीति लागू करेगा।