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Chandigarh News: चार हिस्सों में बंटेगा 20 करोड़ का विज्ञापन टेंडर, हाउस की मंजूरी के बाद फिर होगी प्रक्रिया

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चंडीगढ़। नगर निगम शहर के 75 विज्ञापन स्थलों (16 यूनिपोल और 59 विज्ञापन पैनल) के लिए तीसरी बार टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। करीब 20 करोड़ रुपये के इस टेंडर को पहले दो बार जारी किया गया था, लेकिन किसी भी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। अब निगम की गठित कमेटी ने पूरे टेंडर को चार हिस्सों में बांटकर प्रत्येक का रिजर्व प्राइस करीब पांच-पांच करोड़ रुपये रखने का फैसला किया है। इस प्रस्ताव को आगामी निगम हाउस बैठक में मंजूरी के लिए लाया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद नए सिरे से टेंडर जारी किए जाएंगे।
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नगर निगम को उम्मीद है कि छोटे पैकेज होने से अधिक कंपनियां भाग लेंगी और विज्ञापन स्थलों का आवंटन हो सकेगा। इससे निगम को विज्ञापन शुल्क के रूप में राजस्व मिलना शुरू होगा। प्रशासन ने पिछले वर्ष ये 75 विज्ञापन स्थल निगम को सौंपे थे, लेकिन टर्म एंड कंडीशन तय करने और अन्य औपचारिकताओं में कई महीने लग गए। हाउस से मंजूरी मिलने के बाद दो बार टेंडर निकाले गए, मगर कोई बोलीदाता सामने नहीं आया। इसके बाद कमेटी ने केवल टेंडर का आकार छोटा करने का फैसला किया, जबकि शर्तों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।

मई में निगम हाउस की बैठक नहीं हो सकी, जबकि जून की बैठक में भी यह एजेंडा पेश नहीं किया गया। अब उम्मीद है कि आगामी बैठक में इसे मंजूरी मिल जाएगी। इस संबंध में संयुक्त आयुक्त बलबीर राज सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
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62 डॉकिंग स्टेशन के पैनलों से भी बढ़ेगी आय

नगर निगम को स्मार्ट पब्लिक बाइक शेयरिंग परियोजना के 62 डॉकिंग स्टेशन के विज्ञापन पैनल भी मिल चुके हैं। इनके लिए करीब नौ करोड़ रुपये का रिजर्व प्राइस तय किया गया है और निगम को इनसे लगभग 10 करोड़ रुपये तक राजस्व मिलने की उम्मीद है। अब इन पैनलों के लिए भी अलग से टेंडर जारी किया जाएगा।

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत संचालित सार्वजनिक साइकिल सेवा के 617 डॉकिंग स्टेशन थे। स्मार्ट सिटी लिमिटेड बंद होने के बाद निगम ने विज्ञापन पैनलों का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि संचालन करने वाली कंपनी मामला मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) में ले गई, जिसके कारण फिलहाल केवल लगभग 10 प्रतिशत यानी 62 डॉकिंग स्टेशन के पैनल ही निगम को हस्तांतरित हो सके हैं। शेष पैनलों को लेकर मामला अभी विचाराधीन है।
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