पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को हरियाणा शिक्षा विभाग में टीजीटी काडर के विज्ञापित पदों पर भर्ती पर लगी रोक हटा ली। हाईकोर्ट ने यह फैसला राज्य सरकार द्वारा स्टे हटाने की प्रार्थना और मामले की जल्द सुनवाई की अपील पर लिया।
टीजीटी साइंस विषय की भर्ती में बायो-टेक्नोलॉजी की योग्यता को मान्य न किए जाने के खिलाफ रेणू नामक अभ्यर्थी ने याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 17 सितंबर, 2015 को टीजीटी भर्ती विज्ञापन के तहत भर्ती करने पर रोक लगा दी थी। बुधवार को हाईकोर्ट ने भी माना कि टीजीटी टीचर कक्षा आठ तक पढ़ाते हैं और कक्षा आठ तक बायो साइंस की कोई जरूरत नहीं है।
इस दौरान सरकार ने स्टे हटाने की प्रार्थना करते हुए कहा था कि हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाने की वजह से टीजीटी भर्ती पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अपील में यह भी कहा गया कि रेगुलर भर्ती जल्दी पूरी न करने के कारण विभाग को अवमानना की कारवाई झेलनी पड़ रही है और बार-बार अधिकारियों को हाईकोर्ट में पेश होना पड़ रहा है।
अपील में यह भी बताया गया कि रेगुलर भर्ती में देरी के चलते शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हाईकोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हो चुके हैं और अब एचएसएससी के सचिव को भी हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत रूप से तलब किया हुआ है। ऐसे में रोक न हटने से टीजीटी की रेगुलर भर्ती आगे नहीं बढ़ रही।