जालंधर के मकसूदां थाने के भीतर चार धमाकों के लिए आतंकवादियों ने बीबीएम एप का इस्तेमाल किया था, जिसमें चैट के माध्यम से उन्हें जेएंडके से आका ने आदेश दिए थे। पुलिस अब गिरफ्तार कश्मीरी छात्रों के मोबाइल में बीबीएम एप में हुई चैट को डिकोड कर रही है ताकि इन आतंकवादियों के पूरे नेटवर्क को ब्रेक किया जा सके।सोमवार को जालंधर की पुलिस ने सेंट सोल्जर कालेज के दो इंजीनियरिंग के स्टूडेंट शाहिद क्यूम (22) व फैजल बाशिर (23) को गिरफ्तार किया था।
दोनों पर आरोप है कि वह आतंकवादी संगठन अंसार गजवा-तुल-हिंद के चीफ जाकिर मूसा के लिए कार्य करते थे। इनके दो साथी अभी पुलिस के हाथ नहीं चढ़े हैं। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो सामने आया कि वारदात से तीन दिन पहले ही जालंधर में हैंड ग्रेनेड सप्लाई किए गए थे। सप्लाई करने वाला कौन था, कहां से आया था उनको कुछ पता नहीं है।
उन्हें बीबीएम पर कॉल व चैट के जरिये ही संदेश मिला था कि जालंधर हैंड ग्रेनेड लेकर एक युवक आ रहा है। इसके बाद युवक ने आरोपियों को हैंड ग्रेनेड सौंपे। उन्हें तीन दिन पहले ही सारा सामान मिल गया था और फिर 13 सितंबर को उनकी मदद के लिए मीर रफूफ व मीर उमर रमजान उर्फ गाजी फ्लाइट में सवार होकर चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से दोनों बस में सवार होकर जालंधर बस स्टैंड आ गए और यहां से शाहिद व फैजल के पास पहुंच गए।