ऑपरेशन ब्लू स्टार की 42 वीं बरसी को लेकर विदेशों में बैठे खालिस्तान आतंकियों और उनके समर्थकों ने पंजाब का माहौल बिगाड़ने और अलगाववादी एजेंडे को हवा देने के लिए बड़ी साजिशें रची हैं। इसके लिए बकायदा अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में चरमपंथियों की बैठकें हो चुकी हैं।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन में सक्रिय खालिस्तानी नेटवर्क ने सोशल मीडिया, ई-मेल अभियानों, समेत विरोध प्रदर्शनों और पंजाब में बंद व रेल रोकने जैसे कार्यक्रमों के जरिये पूरा माहौल बिगाड़ने के लिए साजिशें रची हैं।
प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस ने 6 जून को दिल्ली-अंबाला-अमृतसर रेल कॉरिडोर को बंद करने के लिए अपने चरमपंथी समर्थकों से आगे आने को कहा है। इसके साथ ही अमृतसर में बंद, स्मृति मार्च और विदेशों में भारतीय दूतावासों व वाणिज्य दूतावासों के बाहर प्रदर्शन की भी साजिशें रची हैं। इन कार्यक्रमों को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी से जोड़कर प्रचारित किया जा रहा है।
सोशल मीडिया को बना रहे हथियार..जो इनपुट खुफिया एजेंसियों को मिले हैं उसके मुताबिक खालिस्तान समर्थक समूह सोशल मीडिया पर एक सुनियोजित तरीके से अभियान चला रहे हैं। ऑपरेशन ब्लू स्टार और 1984 से जुड़े मुद्दों को उछालकर न सिर्फ अपने पक्ष में माहौल बनाने बल्कि भारत विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन में मई के तीसरे और चौथे सप्ताह में चार बड़ी बैठकें हुईं। पहली बैठक 20 मई को कनाडा के सरे में, दूसरी बैठक 23 मई को एडमेंटन में, तीसरी बैठक 27 मई को वॉशिंगटन और चौथी बैठक 29 मई को लंदन के साउथ हॉल में हुई। बैठकों में खालिस्तानी चरमपंथियों ने ई-मेल ड्राइव से समर्थकों को संगठित करने का पूरा खाका खींचा था। उन साजिशों की जानकारी और कुछ दस्तावेज हासिल हुए हैं उसमें एक ई-मेल अभियान का भी उल्लेख है। इसके जरिये समर्थकों को संगठित करने और धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश का भी जिक्र है।
अमृतसर बंद और मार्च की तैयारी
योजना के मुताबिक 5 जून को स्मृति मार्च और 6 जून को अमृतसर बंद की अपील की गई है। इन कार्यक्रमों को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के साथ जोड़ा गया है। सुरक्षा एजेंसियों को भेजे गए अलर्ट में इस बात का जिक्र है कि खालिस्तानी चरंमपंथी पंजाब से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उछालने और राज्य में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसी साजिश के तहत रेल ट्रैक प्रभावित करने और राज्य में बंदी की कोशिश समेत विदेशों में दूतावासों के बाहर प्रदर्शनों की तैयारियां की हैं।
नाकाम होती रही हैं साजिशें : एपी सिंह
विदेशी मामलों के जानकार और भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी रहे एपी सिंह कहते हैं कि खालिस्तानी आतंकियों और चरमपंथियों की यह हमेशा से आदत रही है कि वह एक तय समय और निर्धारित तारीख पर पंजाब के माध्यम से देश को अस्थिर करने की साजिश करते हैं। इस बार भी वह कुछ वैसा ही करने की साजिश रच रहे हैं। लेकिन खुफिया एजेंसियों की सक्रियता और सुरक्षा एजेंसियों की चौकन्नी व्यवस्था से उनकी सभी साजिशें हमेशा नाकाम हो जाती हैं।