पंजाब पुलिस ने रविवार को पाक प्रशिक्षित आतंकी मक्खन सिंह गिल उर्फ अमली और दविंदर सिंह उर्फ हैप्पी को गिरफ्तार करके खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। दोनों आरोपी होशियारपुर के गांव नूरपुर जट्टां के रहने वाले हैं। आरोपियों से एक एमपी 5 सब-मशीनगन के अलावा दो मैगजीन और 30 कारतूस और 9 एमएम पिस्टल के साथ दो मैगजीन और 30 कारतूस बरामद हुए हैं। इसके अलावा एक कार, 4 मोबाइल फोन और एक इंटरनेट डोंगल भी आरोपियों के पास से मिले हैं।
डीजीपी पंजाब दिनकर गुप्ता ने खुलासा किया कि मक्खन सिंह उर्फ अमली एक कट्टर खालिस्तान समर्थक आतंकवादी है, जिसे पहले पंजाब पुलिस ने भारत में हथियारों की तस्करी और विभिन्न अपराधों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह पाक स्थित बब्बर खालसा के अंतरराष्ट्रीय प्रमुख वधावा सिंह बब्बर का करीबी था और 14 साल से अधिक समय तक पाकिस्तान में उसके साथ रहा।
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान अमली ने खुलासा किया कि वह कनाडा निवासी हरप्रीत सिंह के संपर्क में था, जिसने उन्हें पंजाब में एक आतंकी मॉड्यूल बनाने के लिए उकसाया था। अमली पहले बीकेआई प्रमुख वधावा सिंह का करीबी सहयोगी रह चुका है और कनाडा स्थित केजेडएफ के ऑपरेटिव हरप्रीत सिंह के लगातार संपर्क में था।
पुलिस को आशंका है कि इस आतंकी मॉड्यूल में जर्मनी और संयुक्त राज्य अमेरिका से संबंधित कुछ आतंकी अलग-अलग मनी ट्रांसफर सेवाओं के माध्यम से विदेश से अमली को धन हस्तांतरित करने में शामिल थे। वहीं, दविंदर सिंह हैप्पी के घरवालों ने बताया कि दविंदर प्राइवेट टैक्सी चलाता है और मक्खन सिंह उसे टांडा जाने के लिए गाड़ी किराये पर लेकर गया था। साथ ही उन्होंने इस बात से इनकार किया कि हैप्पी किसी देश विरोधी गतिविधि में शामिल हो सकता है।
तीन साल पहले अफीम के साथ पकड़ा गया था अमली
मक्खन सिंह उर्फ अमली को 2017 में सीआई स्टाफ की टीम और एसटीएफ प्रमुख उपकप्तान सरबजीत सिंह की अगुवाई में एसआई संतोख सिंह और एएसआई अक्षयपाद गौतम ने डेढ़ किलो अफीम के साथ पकड़ कर जेल भेजा था। उस समय वह एक ऑटो में अपने गांव लौट रहा था।