गुरदासपुर के दीनानगर में हुए आतंकी हमले के बाद पंजाब से सटी भारत-पाकिस्तान की सरहद के साथ बहने वाले सतलुज दरिया ने बीएसएफ अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। सतलुज का कुछ हिस्सा पाक में पड़ता है, इसीलिए बीएसएफ ने नाव के जरिये दरिया के अतिसंवेदनशील इलाकों में गश्त तेज कर दी है।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से आतंकवादी पंजाब सीमा से घुसपैठ कर सकते हैं। वे सीमांत शहरों के रेलवे स्टेशनों और स्कूलों को भी अपना निशाना बना सकते हैं। बीएसएफ के डीजीपी दविंदर पाठक ने पंजाब से सटी भारत-पाक सीमा का जायजा लिया।
उन्होंने पंजाब सीमा पर तैनात सभी डीआईजी, कमांडेंट व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। सीमांत गांव में प्रत्येक व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। गांव में कोई अनजान व्यक्ति नजर आने पर उससे गहन पूछताछ की जा रही है।
कई बार मिली फिरोजपुर स्टेशन को उड़ाने की धमकी
गौरतलब है कि कई बार रेल डिवीजन फिरोजपुर के आरपीएफ कमांडेंट और डीआरएम के नाम पर स्टेशनों को विस्फोट कर उड़ाने की धमकी मिल चुकी है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार भारत-पाकिस्तान की सरहद के साथ बहने वाले सतलुज दरिया के चलते कई जगह पर सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ने के कारण आतंकी और तस्कर भारतीय सीमा में घुसपैठ करते हैं। कई बार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट सरहद क्रॉस कर फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन तक पहुंच चुके हैं।
ऐसी घटना दो बार घट चुकी है। कुछ माह पहले पाकिस्तान की तरफ से करीब पांच लोग घुसपैठ कर फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे, दो लोग पकड़े जा चुके थे, लेकिन तीन का अब तक सुराग नहीं लगा है। ये तीनों पंजाब में ही हैं, जिन्हें पुलिस नहीं पकड़ पाई है और न ही खुफिया एजेंसी उनका सुराग लगा पाई है।
दिन-रात दरिया में नाव के जरिये की जा रही गश्त
गुरदासपुर में आतंकी घटना के बाद सतलुज दरिया से सटी भारत-पाक की सीमा पर बीएसएफ ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। नाव के जरिये बीएसएफ जवान गश्त कर रहे हैं। इन दिनों दरिया उफान पर है। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि गुरदासपुर में हमला करने वाले आतंकी पाकिस्तान से सीमा पार कर भारत में आए थे। दरिया वाली जगह पर फेंसिंग नहीं लगी है।
दूसरी तरफ रेल मंडल कार्यालय फिरोजपुर में आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने सरहदी इलाकों से गुजरने वाली रेल पटरी पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए डीआरएम व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। अंबाला डिवीजन का इलाका भी सरहदी क्षेत्र में पड़ता है, जैसे अबोहर। अबोहर के साथ श्रीगंगानगर भी लगता है।
श्रीगंगानगर की तरफ भी कई रेलवे स्टेशन जैसे हिंदूमलकोट, फतूही सरहद से काफी नजदीक हैं और रेल पटरी भी वहीं से होकर गुजरती हैं। ट्रेन पर जाते समय सरहद पर लगी फेंसिंग नजर आती है। इसी तरह सीमांत जिला फाजिल्का व फिरोजपुर रेलवे स्टेशन भी सरहद से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर हैं।