बड़ी खबर, देश में बहुचर्चित सोनीपत बम ब्लास्ट केस में आतंकी करीम टुंडा को दोषी करार दे दिया गया है, वहीं मामले में सजा आज सुनाई जाएगी। टुंडा को सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील गर्ग की कोर्ट में पेश किया गया।
टुंडा पर सोनीपत में 28 दिसंबर 1996 को हुए दो बम ब्लास्ट कराए जाने का आरोप है। दोषी करार दिए जाने के बाद टुंडा को जेल भेज दिया गया। आतंकी को दिल्ली पुलिस द्वारा अगस्त, 2013 में नेपाल की सीमा से गिरफ्तार किया गया था। मामले में 21 साल की लंबी लड़ाई के बाद फैसला आ रहा है।
Terrorist Abdul Karim Tunda pronounced guilty in 1996 Sonipat bomb blast case by Sonipat Court; sentence to be pronounced tomorrow pic.twitter.com/lKR425F3Zi
— ANI (@ANI) October 9, 2017
ये था मामला
अब्दुल टुंडा
- फोटो : अमर उजाला
सोनीपत शहर में 28 दिसंबर, 1996 को दो स्थानों पर बम ब्लास्ट हुए थे। उस दिन शाम के समय पहला धमाका बस स्टैंड के पास स्थित बावा-तराना सिनेमा के निकट हुआ तो उसके महज दस मिनट बाद दूसरा धमाका गीता भवन चौक स्थित गुलशन मिष्ठान भंडार के पास हुआ था। धमाके में करीब एक दर्जन लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस संबंध में इंदिरा कालोनी निवासी सज्जन सिंह के बयान पर मामला दर्ज किया था।
सज्जन सिंह ने बताया था कि वह अपने साथी अनिल के साथ फिल्म देखने आया था। इस दौरान हुए धमाके में उसके अलावा 11 अन्य लोग घायल हुए थे। बाद में पुलिस ने इस संबंध में तीन आरोपियों गाजियाबाद निवासी अब्दुल करीम टुंडा व उसके दो साथियों अशोक नगर, पिलखुआ निवासी शकील अहमद और अनार वाली गली तेलीवाड़ा, दिल्ली निवासी मोहम्मद आमिर खान उर्फ कामरान को नामजद किया था।
पुलिस ने शकील और कामरान को वर्ष 1998 में गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन टुंडा घटना के बाद फरार हो गया था। बाद में उसे दिल्ली पुलिस ने नेपाल की सीमा से काबू किया था। सोनीपत में चल रहे मामले में सभी 50 गवाही हो चुकी है। साथ ही बहस भी पूरी हो चुकी है। इस मामले में पहले ही काबू किए गए शकील व कामरान सुनवाई के बाद बरी हो चुके हैं।
ये हैं टुंडा के खिलाफ आरोप
सोनीपत अदालत में आतंकी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा के खिलाफ हत्या के प्रयास व बम बलास्ट कराने के मामले के तहत आरोप लगे हैं। उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय हुए हैं। इसमें दोष साबित होने पर दस साल तक की सजा का प्रावधान है।