आतंकवाद की तरफ कश्मीरी विद्यार्थियों के बढ़ते कदम पंजाब ही नहीं बल्कि पूरे उत्तरी भारत के लिए खतरे की घंटी है। अलीगढ़ हो या जालंधर, कश्मीरी विद्यार्थियों की सक्रियता चिंताजनक बनती जा रही है। हालात यह है कि पिछले कुछ समय में ही जालंधर में कश्मीरी स्टूडेंट्स का तीसरा बड़ा नेटवर्क ध्वस्त हुआ है।
10 अक्तूबर को आईबी की सूचना पर जालंधर पुलिस ने आपरेशन चलाकर इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में छापा मारा। वहां बीटेक (सिविल इंजीनियरिंग) के दूसरे सेमेस्टर के छात्र जाहिद गुलजार के रूम से दो एके 47 राइफल समेत कई हथियार और विस्फोटक मिले। जाहिद श्रीनगर के पास अवंतीपोरा थाना क्षेत्र के राजपोरा का रहने वाला था।
जाहिद के साथ उसके दो साथियों मोहम्मद इदरीश शाह और युसूफ रफीक बट्ट को भी गिरफ्तार किया गया था। इदरीश पुलवामा और युसूफ रफीक पुलवामा के नूरपुरा का रहने वाला है। युसूफ कुख्यात आतंकी मूसा का भाई निकला। यह आतंकवादी अंसार गजवा तुल हिंद के लिए काम करते थे, जिसका चीफ जाकिर मूसा है।
नोएडा से गायब छात्र की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की
तीन दिन पहले ही, सोशल मीडिया पर शुक्रवार को उस कश्मीरी लड़के की तस्वीरों को पोस्ट किया गया, जो उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित एक निजी विश्वविद्यालय से लापता हो गया था। पोस्ट में दावा किया गया कि वह घाटी में आतंकवादी समूह में शामिल हो चुका है। श्रीनगर निवासी एहतेशाम बिलाल सोफी (17) ग्रेटर नोएडा के शारदा विश्वविद्यालय में प्रथम वर्ष का छात्र था।
बिलाल 28 अक्टूबर को लापता हो गया था। उसने विश्वविद्यालय से दिल्ली जाने की अनुमति ली थी। अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन के साथ-साथ श्रीनगर के खानयार पुलिस स्टेशन में भी उसके लापता होने को लेकर मामला दर्ज किया गया था।
सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में सोफी काले कपड़ों में दिख रहा है और उनमें दावा किया गया कि वह आईएसआईएस के विचार से प्रभावित आतंकी समूह आईएसजेके में शामिल हो गया है। इससे नोएडा में काफी दहशत पाई जा रही है।
देश में कई जगह पकड़े गए कश्मीरी छात्र
कुछ दिन पहले ही अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में कुछ छात्रों ने 12 अक्तूबर को हिजबुल आतंकी मनान बशीर वानी (27) के मारे जाने पर विश्वविद्यालय परिसर में देश विरोधी नारे लगाए। उसके लिए जनाजे की नमाज पढ़ने और कैंडल मार्च निकालने की कोशिश की। बशीर एएमयू में पीएचडी का छात्र था। जनवरी में वह पढ़ाई छोड़कर हिजबुल में शामिल हो गया था। 11 अक्तूबर को सुरक्षाबलों ने हंदवाड़ा में उसे मार गिराया।
कश्मीर के 1200 से ज्यादा छात्रों ने 17 अक्तूबर को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) छोड़ने की धमकी दी थी। उनकी मांग है कि तीन कश्मीरी छात्रों के खिलाफ दर्ज राष्ट्रद्रोह का मामला वापस लिया जाए। यूपी की अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में इसको लेकर खासा तनाव बना हुआ है। वहीं दो दिन पहले ही दिल्ली पुलिस ने जम्मू कश्मीर के दो छात्रों को गैर कानूनी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
जिनकी पहचान परवेज राशिद लोन और जमशीद जहूर के रूप में हुई। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कहा है कि दोनों छात्रों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के सबूत मिले हैं। सेल को सबूत के तौर पर दोनों छात्रों के जम्मू कश्मीर और हैदराबाद में मारे गए आईएसआईएस के आतंकियों के साथ संबंध की भी जानकारी हाथ लगी है।
पुलिस द्वारा सभी संस्थानों से रिकार्ड मंगवाया जा रहा है और पढ़ने वाले कश्मीरी स्टूडेंट्स को स्कैन किया जा रहा है। कश्मीरी विद्यार्थियों का आतंकवाद में शामिल होना काफी चिंताजनक है।
- सुरेश अरोड़ा, डीजीपी