शहर में स्ट्रीट डॉग्स के खौफ से लोग भी डरे हुए हैं। ऐसा कोई सेक्टर, कालोनी या गली नहीं जहां स्ट्रीट डॉग्स न हों। सब जगह इनका खौफ है। लोग इनके डर से घर से अकेले बाहर निकलने तक में डरते हैं। कई बार लोग इनका शिकार हो चुके हैं। इससे बचाव के लिए समय-समय पर नगर निगम की ओर से स्टेरलाइजेशन अभियान चलाया जाता रहा है। लेकिन पिछले कुछ वक्त से यह अभियान बंद पड़ा है।
पेट एनिमल मेडिकल सेंटर के अनुसार वर्तमान में शहर में स्ट्रीट डॉग्स की संख्या करीब छह हजार तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर एक साल तक भी लगातार अभियान चले तो भी सभी को स्टरेलाइज करना मुश्किल है। ऐसे में रोजाना लोग स्ट्रीट डॉग्स का शिकार हो रहे हैं। बावजूद इसके उन्हें पकड़ने के लिए प्रशासन के पास कोई माकूल रास्ता नजर नहीं आ रहा है।
हर सेक्टर में स्ट्रीट डॉग्स खासकर रात के वक्त इधर-उधर घूमते दिख जाते हैं। अगर रात के वक्त कोई बाइक सवार दिख जाए तो उसे कई बार रास्ता तक बदलना पड़ जाता है। आए दिन सेक्टरों में इनके काटने की शिकायतें मिलती रहती हैं, लेकिन भारी तादाद और सख्त नियम होने की वजह से स्ट्रीट डॉग्स पर शिकंजा कसने से विभागीय अधिकारी भी कतराते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक पंचकूला के शहरी क्षेत्र में इस वक्त लगभग छह हजार के स्ट्रीट डॉग्स हैं। वहीं पिछले कुछ दिनों से अभियान नहीं चलाए जाने की वजह से इनकी तादाद में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है।
15 मई तक तैयार हो जाएंगे 60 शेड्स
स्ट्रीट डॉग्स के स्टरेलाइजेशन के बाद उपचार के दौरान उन्हें रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से भी अभियान के दौरान दिक्कतें आ रही हैं। पेट एनिमल मेडिकल सेंटर के प्रभारी एमआर सिंगला ने कहा कि डॉग्स की संख्या को देखते को नियंत्रित करने के लिए जल्द ही स्टरेलाइजेशन की शुरुआत की जा रही है। सेंटर के ही नए भवन में 60 शेड्स बनाए जा रहे हैं, जिसका निर्माण मई के दूसरे सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद स्टरेलाइजेशन की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
पेट एनिमल मेडिकल सेंटर में शेड्स तैयार होने पर स्टरेलाइजेशन की प्रक्रिया में तेजी आएगी। स्ट्रीट डॉग्स की तादाद करीब छह हजार है। ऐसे में अगर एक साल तक भी यह प्रक्रिया जारी रही तो भी सभी को स्टरेलाइज करना मुश्किल होगा।
-डॉ. एमआर सिंगला, इंचार्ज पेट एनिमल मेडिकल सेंटर
जल्द ही स्ट्रीट डॉग्स के लिए स्टरेलाइजेशन की शुरुआत कर दी जाएगी। शेड्स भी अगले महीने तक तैयार हो जाएंगे।
-ओपी सिहाग, कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम