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Chandigarh News: दस स्कूल प्रमुख निलंबित, एक को वापस पंजाब भेजा

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चंडीगढ़। शहर के सरकारी स्कूलों में सफाईकर्मी की नौकरी पर रखवाकर किए गए करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी के मामले में वीरवार को चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 10 स्कूलों के प्रमुखों को निलंबित कर दिया। साथ ही डेपुटेशन पर तैनात एक प्रधानाचार्य को वापस पंजाब भेजने का आदेश जारी कर दिया।बुधवार को शहर के करीब 400 लोगों के साथ ठगी का मामला सामने आया था। रामदरबार निवासी ठेकेदार राजीव उर्फ राजू उर्फ राजेश लोगों से 40-40 हजार रुपये लेकर उन्हें सरकारी स्कूलों में सफाईकर्मी के तौर पर रखवा दिया। कई महीने तक काम करने के बाद जब उन्हें वेतन नहीं मिला तो ठगी का खुलासा हुआ। इस मामले में स्कूलों के प्रमुख और प्रिंसिपलों की लापरवाही सामने आई। इसी मामले में वीरवार को शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की। शिक्षा विभाग की ओर से जारी केंद्रीय सिविल सेवा के नियम 10 के तहत चार हेडमिस्ट्रेस और छह स्कूल इंचार्जों को निलंबित कर दिया। इनमें जीएमएचएस-आरसी-1 धनास की हेडमिस्ट्रेस वरिंदर कौर, जीएमएचएस-43 की हेड हरमनप्रीत कौर, जीएमएचएस-आरसी-2 धनास हेड रविंदर कौर और जीएमएचएस-विकास नगर की सारिका बजाज शामिल हैं। जिन स्कूल इंचार्जों को निलंबित किया गया है, उनमें जीएमएचएस-मौलीजागरां की टीजीटी भारती वंदना, जीएमएस-पॉकिट नं.6 मनीमाजरा की टीजीटी सुनीता टंडन, जीएमएस-बुड़ैल की टीजीटी कृष्ण मोहन, जीएमएस-26 बापूधाम के मंजीत सिंह, जीएमएस-56 के रविंदर सिंह और जीपीएस-आरसी-3 धनास के जेबीटी वीणा भंडारी शामिल हैं।
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इसके अलावा जीएमएसएसएस रायपुरकलां में डेपुटेशन पर आईं प्रधानाचार्य सुनीता रानी को वापस पंजाब भेज दिया गया है। बुधवार को नौकरी फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर शिक्षा विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ होने के तहत कड़े कदम उठाने के लिए कहा था।

पुलिस ने ठेकेदार को कर लिया है गिरफ्तार
यूटी के कई सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपलों की नाक तले नौकरी लगवाने के नाम पर पिछले कुछ महीनों से फर्जीवाड़ा चल रहा था। बुधवार सुबह काफी संख्या में लोग वार्ड नंबर-15 के पार्षद के पास पहुंचे और उन्हें इस मामले से अवगत करवाया। इसके बाद पता चला कि इस ठेकेदार के पास स्कूलों में सफाई कराने संबंधित कोई ठेका ही नहीं है। ऐसे में सैकड़ों लोगों की भीड़ सारंगपुर थाने में पहुंच गई और शिक्षा विभाग सहित ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। मामले में पुलिस ने बुधवार को ठेकेदार को हिरासत में ले लिया और उसके खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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