तापमान बढ़ने और लू चलने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। कड़ी धूप में संपर्क आने से शरीर का तापमान बढ़ जाता है। बुखार 104 डिग्री के आसपास दर्ज किया जाता है। हीट स्ट्रोक होने पर इलाज की तुरंत जरूरत होती है। देरी होने पर किडनी और हार्ट फेल हो सकते हैं। मौत भी हो सकती है। गर्मियों के महीने में हीट स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है।
ये होते हैं लक्षण
-अचानक से शरीर का तापमान 104 डिग्री पहुंच जाए
-सिर चकराना, जी मिचलाना, पेट में दर्द व उल्टी की शिकायत
-मानसिक संतुलन बिगड़ जाना, भ्रम की स्थिति का बनना
ऐसे करें बचाव
-जरूरी हो तभी दोपहर के वक्त घर से निकलें
-शरीर में पानी की कमी न रहने दें
-ढीले व सूती कपड़ों को तवज्जो दें
-पानी के साथ छाछ व नींबू पानी पीते रहें
-धूप में खड़ी कार में बच्चे को न छोड़ें
-सुबह व शाम के वक्त ही एक्सरसाइज करें