चंडीगढ़ में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए पीजीआई प्रशासन ने ओपीडी संचालन में परिवर्तन का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत 10 जनवरी से पहले से अप्वॉइंटमेंट लेने वाले मरीजों को ही ओपीडी में देखा जाएगा। वहीं, अन्य मरीजों को टेली कंसल्टेशन के माध्यम से परामर्श दिया जाएगा।
टेलीकंसल्टेशन के जरिए परामर्श देने के दौरान डॉक्टर जिन मरीजों को जरूरी समझेंगे, उन्हें ही फिजिकल ओपीडी में बुलाएंगे। पीजीआई प्रशासन ने गुरुवार शाम सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक के बाद निर्णय लिया। पीजीआई की ओर से विभिन्न विभागों के टेली कंसल्टेशन नंबर जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि पीजीआई में मौजूदा समय में प्रतिदिन 7 से 8 हजार मरीज ओपीडी में देखे जा रहे हैं। वहीं, पीजीआई परिसर में प्रतिदिन लगभग 20,000 लोगों की उपस्थिति होती है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा था। पीजीआई प्रशासन ने मरीजों के साथ सिर्फ एक तीमारदार के आने की अपील की है।
सर्जरी के मरीज आने से पहले कर लें पुष्टि
जिन मरीजों को पहले से ही सर्जरी की डेट दी जा चुकी है, उन्हें निर्देशित किया गया है कि वह पीजीआई आने से पहले संबंधित परामर्शदाता से दी गई तारीख पर सर्जरी होने की पुष्टि के बाद ही आएं।
- स्थान व विभाग- फोन नम्बर- लाइन
- नई ओपीडी- 0172- 2755991 - 19
- एडवांस्ड आई सेंटर एंड ड्रग एडिक्शन ट्रीटमेंट सेंटर (डीडीटीसी)
- 0172- 2755992- 2
- उन्नत हृदय केंद्र- 0172-2755993- 2
- उन्नत बाल रोग केंद्र- 0172-2755994- 3
- मौखिक स्वास्थ्य विज्ञान केंद्र (दंत ओपीडी)
- 0172-2755995- 1
- प्रसूति ओपीडी- 70870-03434- 1
अस्पताल में रखी मशीन, पीजीआई और जीएमसीएच 32 भेज रहे नमूने
कोरोना की तीसरी लहर में स्थिति बेकाबू होती दिख रही है। स्वास्थ्य विभाग अब भी आरटीपीसीआर जांच के लिए पीजीआई और जीएमसीएच-32 पर निर्भर है। चौंकाने वाली बात यह है कि दूसरी लहर में जांच को लेकर हुई परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने जीएमएसएच-16 में भी आरटीपीसीआर लैब स्थापित करने का निर्देश दिया था। इसके लिए मशीन खरीदकर जीएमएसएच-16 के लैब में रखी है लेकिन इसे इंस्टॉल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग जगह चिह्नित नहीं कर पाया है। इस वजह से स्वास्थ्य विभाग मशीन पास होने के बावजूद आरटीपीसीआर के लिए नमूने पीजीआई और जीएमसीएच 32 भेज रहा है।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर अब भी रैपिड एंटीजन टेस्ट की सुविधा ही उपलब्ध है, जबकि आपातकालीन स्थिति में जीएमएसएच-16 में टीबी के मरीजों की जांच के लिए लगाई गई स्ट्रुनेट मशीन से चंद नमूनों की आरटीपीसीआर हो पा रही है।
दूसरी लहर में जांच पर हुआ था बवाल
दूसरी लहर में जब संक्रमण पीक पर था, उस समय आरटीपीसीआर जांच को लेकर जीएमसीएच 32 और पीजीआई में स्थिति बेहद गंभीर थी। नौबत यहां तक आ गई थी कि पीजीआई और जीएमसीएच 32 ने 300 से ज्यादा नमूने लेने से इनकार कर दिए थे। इसमें बीच बचाव करते हुए प्रशासन को अहम भूमिका निभानी पड़ी थी। उस स्थिति को ध्यान में रखते हुए तीसरे टेस्ट से पहले जीएमएसएच-16 में भी आरटीपीसीआर जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया था।
आरटीपीसीआर जांच की मशीन आ चुकी है, उसे इंस्टॉल करने के लिए अस्पताल की लैब में जगह भी चिह्नित कर ली गई है। कुछ ही दिनों में अस्पताल में जांच की सुविधा शुरू हो जाएगी। -डॉ. वीके नागपाल, चिकित्सा अधीक्षक जीएमएसएच 16