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Chandigarh News: तेजस और शौर्य ने नीट-यूजी में हासिल की ऑल इंडिया रैंक 1

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चंडीगढ़। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने मंगलवार को मेडिकल के अंडर ग्रेजुएट कोर्स में दाखिले के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट 2024 के परिणाम घोषित किए। देश भर से ऑल इंडिया रैंक वन पाने वाले 62 विद्यार्थियों में ट्राइसिटी के दो होनहारों तेजस सिंह और शौर्य गोयल ने अपना नाम शामिल किया है। शीर्ष 100 रैंकिंग में ट्राइसिटी से तेजस और शौर्य शामिल हैं। बीते पांच मई काे हुई नीट-यूजी परीक्षा में देश भर से 23 लाख 33 हजार दो 297 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ से 3485 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 2541 ने परीक्षा पास की। वहीं, पंजाब से 26268 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 15743 ने परीक्षा पास की। सेक्टर-34 स्थित हेलिक्स इंस्टीट्यूट से कोचिंग लेने वाले शौर्य पंजाब के मानसा के रहने वाले हैं। वे चंडीगढ़ में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। टॉप 100 के अलावा 720 में से 715 अंक लेने वाले मलोया निवासी ओम वत्स ने ऑल इंडिया 192 रैंक हासिल की है।
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माता-पिता को देख डॉक्टर बनने की इच्छा जागी
सेक्टर-36 स्थित गुरु नानक पब्लिक स्कूल से 12वीं पास कर तेजस सिंह ने नीट-यूजी के पहले अटेंप्ट में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की। तेजस ने बताया कि उनके माता-पिता के डॉक्टर होने से उन्हें भी मेडिकल फील्ड में जाने की प्रेरणा मिली। मां गोल्डी छाबड़ा सेक्टर-45 के सिविल अस्पताल चंडीगढ़ और पिता मनदीप सिंह वायुसेना में डॉक्टर हैं। तेजस ने 11वीं कक्षा से नीट की तैयारी शुरू कर दी थी। रोजाना का लक्ष्य तक पढ़ाई की। एआईआर-1 आने पर तेजस ने बताया कि पहले विश्वास नहीं हुआ, खुशी और शॉक दोनों एक साथ महसूस हुए। मां गोल्डी ने बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताई और कहा कि प्रोफेशन मुश्किल है लेकिन लोगों की मदद करने से बेहतर और कुछ नहीं।
माता-पिता को रोल मॉडल मानकर की तैयारी
शौर्य गोयल ने बताया कि कड़ी मेहनत से यह मुकाम मिला। उसका सपना माता-पिता की तरह डॉक्टर बनना रहा है। पिता डॉ. सुनील और उनकी मां डॉ. सालिका ने हमेशा उत्साह बढ़ाया है। पढ़ाई दस घंटे की पढ़ाई का शेड्यूल पूरा किया। खुद को तनाव मुक्त रखने के लिए क्रिकेट और बैडमिंटन खेलता था। तैयारी के दौरान फिजिक्स, केमिस्ट्री और बॉयलोजी के प्रश्नों का बार-बार अभ्यास किया। वह एम्स दिल्ली में दाखिला लेना चाहते हैं।
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पहले प्रयास में था एक लाख से ऊपर का रैंक, दूसरे में एआईआर-192
नीट-यूजी के पहले प्रयास में मलोया निवासी ओम वत्स का ऑल इंडिया रैंक एक लाख 18 हजार था। दूसरे प्रयास में इसे सुधार कर एआईआर 192 हासिल की है। सेक्टर 25 स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय से पासआउट ओम वत्स ने नीट-यूजी परीक्षा में 720 में से 715 अंक प्राप्त किए। ओम के पिता पवन शर्मा 12वीं पास हैं और निजी कंपनी में सेल्स रिप्रजेंटेटिव हैं और मां रश्मि शर्मा गृहिणी है। ओम रोजाना आठ घंटे पढ़ाई करते थे। उन्होंने बताया कि उनके पिता भी रात भर साथ बैठे रहते थे। पिता पवन ने बताया कि उनके परिवार से कोई डॉक्टर नहीं बना है। वह चाहते थे कि बेटा जीवन में कुछ बड़ा करे इसलिए वह उसके साथ पढ़ाई के लिए बैठते, बेटे को नींद आती तो काॅफी बनाते, स्ट्रेस होता तो उससे बात करते।
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