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मोहाली: अब बाढ़ वाले एरिया में भी लोगों को मिल पाएगा मिनरल वाटर, तैयार की गई खास तकनीक

Tue, 16 Jul 2019 01:19 PM IST
खुशबू गोयल अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली
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mineral water
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मानसून के दौरान देश के कई राज्यों में बाढ़ की स्थिति बनती है। ऐसे में लोगों को पीने वाला साफ पानी मुहैया करवाना बड़ी चुनौती होती है। साफ पानी न मिलने से लोग बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। लोगों की मदद के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) के साइंटिस्ट डॉ. सम्राट घोष आगे आए हैं। उन्होंने एक तकनीक तैयार की है, जिसमें लोग आसानी से घर में बढ़िया मिनरल वाटर तैयार कर पाएंगे। उन्हें किसी भी प्रकार के पैसे आदि नहीं देने पड़ेंगे।
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डॉ. सम्राट घोष ने बताया कि इन दिनों असम समेत कई राज्य बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं, साफ पानी लोगों को पीने के लिए नहीं मिल रहा। ऐसे में उन्होंने घर में ही स्वच्छ पानी तैयार करने की तकनीक तैयार की है। इसके लिए लोगों को बाहर से कुछ भी नहीं लाना पड़ेगा। रसोई में मौजूद सामान से वह मिनरल वाटर तैयार कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि उनकी तकनीक के तहत प्रेशर कुकर, इडली मेकर या मिल्क वायलर के इस्तेमाल से साफ पानी तैयार हो जाएगा।

पानी तैयार करने के लिए को सबसे पहले जैसा ही भी पानी मिलता है, उसे एक प्रेशर कुकर में डालना होगा। उसके ऊपर से उसकी सीटी खोल देनी होगी। इसके बाद एक फॉयल पेपर लेकर एक नालीनुमा आकृति बनानी होगी। इसे प्रेशर कुकर की सीटी वाली नोक पर लगाना होगा। फिर गैस को ऑन करना होगा। इसके बाद वहां से भाप के रूप में साफ पानी बाहर आएगा, जिसे बर्तन में भरकर हम आसानी से प्रयोग कर पाएंगे।
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उन्होंने बताया कि भाप की क्रिया में जो पानी बनेगा, उसमें नमक का एक चम्मच डालना होगा। ऐसे में पानी का टीडीएस स्तर बढ़ जाएगा। यह पानी जहां सेहत के लिए भी फिट रहेगा, वहीं लोगों के लिए जीवन दायक बनेगा।

 
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आधे घंटे में एक लीटर पानी होता है तैयार

डॉ. सम्राट घोष ने बताया कि एक लीटर मिनरल वाटर तैयार करीब आधे घंटे में तैयार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हमारे खाने में कई ऐसी सब्जियां हैं, जिन्हें बनाते समय में भी हम आासानी से मिनरल वाटर तैयार कर सकते हैं।

साफ पानी न मिलने से मां हो गई थी बीमार
डॉ. घोष ने कहा कि एक बार उनका परिवार भी बाढ़ वाली स्थिति का सामना कर चुका है। सन 1975 में वह बिहार के पटना में थे। उस दिन बाढ़ आ गई थी। ऐसे में घर में पीने के लिए साफ पानी नहीं था, जिसकी वजह से उनकी माता को पीलिया हो गया था। उस समय से ही वह इस दिशा में काम करने की सोच रहे थे।

पहले ग्रीन पटाखे कर चुके हैं तैयार
डॉ. घोष का कहना है कि वह ऐसी चीजें तैयार करते हैं, जिससे लोगों का फायदा हो और दुनिया में देश का नाम रोशन हो। इससे पहले डॉ. घोष ग्रीन पटाखे तैयार कर चुके हैं। यह पटाखे ऐसे हैं जोकि घर में प्रयोग होने वाले सामान से तैयार होते हैं। वहीं, पटाखे चलने पर पर्यावरण को प्रदूषित भी नहीं करते। इसके अलावा उन्होंने स्वदेशी फायर सेफ्टी सिस्टम भी तैयार किया है।
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