सूत्रों के अनुसार इस बैठक में कॉरिडोर के उद्घाटन की तारीख तय करने के अलावा विभिन्न तकनीकी मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके अलावा माना जा रहा है कि मीटिंग में पाकिस्तान द्वारा जीरो लाइन तक तैयार किए जाने वाला करीब 300 मीटर लंबे पुल के बजाय अस्थाई सड़क तैयार किए जाने, दोनों देशों द्वारा तैयार की गई सड़कों, पुल और श्रद्धालुओं की संख्या के बारे में चर्चा की गई।
भारत अपनी तरफ से पुल का निर्माण कर रहा है जो निर्धारित समय से पहले तैयार हो जाएगा। पाकिस्तान सर्विस लेन तैयार करने में लगा है क्योंकि पाकिस्तान का मानना है कि समय कम होने की वजह से पाकिस्तान द्वारा पुल का निर्माण करना कठिन है। पाकिस्तान द्वारा शताब्दी समारोह के बाद इस पुल का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
फिलहाल पाकिस्तान की तरफ से एक अस्थायी सड़क के रास्ते से भारत की तरफ से आ रही संगत को गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन करवाने की व्यवस्था की जा रही है। इस मौके पर श्रीनिवास के, सचिव, लॉ एंड आर्डर, सीजेएम विशाल गुप्ता, आईजी फ्रंटियर महीपाल यादव, प्रोजेक्ट मैनेजर यशपाल सिंह और बीएसएफ के डीआईजी राजेश शर्मा उपस्थित थे।