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अवैध निर्माण पर कार्रवाई के लिए टीम गठित

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चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने शहर के विभिन्न इलाकों व लाल डोरा से बाहर हो रहे अवैध निर्माण पर लगाम लगानेे का कार्य शुरू कर दिया है। शहर के सभी एसडीएम के नेतृत्व वाली टीमों ने वीरवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में अवैध निर्माण कर रहे मकान मालिकों को नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने के आदेश दिए हैं।
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एसडीएम के नेतृत्व वाली स्पेशल टीमों का गठन वित्त सचिव के आदेशों पर किया गया है। 4 जनवरी को यूटी सचिवालय में एक बैठक के दौरान उन्होंने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बैठक में शहर में तेजी से हो रहे अवैध निर्माण पर चर्चा की गई थी। प्रशासन की तरफ से बनाए जाने वाले सेल का मुख्य काम हो रहे अवैध निर्माण की पहचान करना और फिर उसके खिलाफ कार्रवाई करना है।
गौरतलब है कि लाल डोरे के बाहर हो रहे अवैध निर्माण के खिलाफ यूटी प्रशासन ने 2016 में भी सभी गांवों का ग्राउंड लेवल पर सर्वे करवाया था। पटवारियों की टीम ने गांव-गांव जाकर रिपोर्ट तैयार की थी। गांव जो अब नगर निगम में शामिल हो चुके हैं, वहां लोगों ने लाल डोरा से बाहर एग्रीकल्चर लैंड में बड़ी कोठियां खड़ी कर दी हैं। सैकड़ों छोटे उद्योग चल रहे हैं। हालत ये हैं कि लाल डोरा के अंदर आबादी कम है, लेकिन बाहर उससे कहीं ज्यादा है।
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गांवों के नगर निगम में शामिल होने के बाद से आई तेजी
प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 13 गांवों के नगर निगम में शामिल होने के बाद से अवैध निर्माण में तेजी आई है। इन इलाकों में किराये पर देने के लिए छोटे-छोटे फ्लैट्स बनाए जा रहे हैं। ये छोटे फ्लैट्स सुरक्षा के मानकों को भी पूरा नहीं करते हैं। कुछ इलाकों में छोटे-छोटे प्लॉट भी काटकर बेचे जा रहे हैं। लाभ कमाने के लिए खेती की जमीनों पर निर्माण करके रिहायशी मकान के रूप में बदला जा रहा है। गौरतलब है कि 13 गांवों के नगर निगम में शामिल होने के बाद से यहां की जमीनों की कीमत कई गुणा बढ़ गई है।
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