चंडीगढ़। सरकारी स्कूलों में प्राइमरी कक्षाओं को ऑनलाइन पढ़ाना शिक्षकों के लिए चुनौती बना हुआ है। ग्रामीण और कॉलोनी एरिया के कई शिक्षकों को आपत्तिजनक संदेशों का भी सामना करना पड़ा है। गौरतलब है कि कोविड- 19 के बाद से शिक्षक विद्यार्थियों को ऑडियो और वीडियो संदेश भेजकर उन्हें पढ़ाई करवा रहे हैं। सरकारी स्कूलों में आने वाले 30-40 प्रतिशत विद्यार्थियों को अभी भी स्मार्टफोन और इंटरनेट की समस्या से जूझना पड़ रहा हैं। वहीं छोटी कक्षा खासकर तीसरी से छठी तक के विद्यार्थियों को संदेश लिखने नहीं आते, जिसके कारण शिक्षकों को ज्यादा परेशानी हो रही है।
शिक्षा विभाग ने नौंवी से बारहवीं कक्षा तक के लिए स्कूल खोल दिए हैं। जिन विद्यार्थियों के पास स्मार्टफोन और इंटरनेट की सुविधा नहीं हैं, वे स्कूल आकर रेगुलर कक्षाएं लगा रहे हैं। स्कूल नहीं आने वाले विद्यार्थी गूगल मीट पर लाइव कक्षा और व्हाट्सएप के जरिए शिक्षकों के संपर्क में हैं और पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन तीसरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को ऑनलाइन ही पढ़ाया जा रहा है। ऐसे में शिक्षकों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा हैं। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने बताया कि बच्चे रात को भी गुड नाइट आदि के संदेश और फोटो भेजते रहते हैं। वहीं कई शिक्षकों को बच्चों के मोबाइल नंबर से आपत्तिजनक संदेश, टिकटोक वीडियो भी मिले।
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आपत्तिजनक संदेश के बाद बच्चे और अभिभावक को बुलाकर की काउंसलिंग
कुछ समय पहले ही स्कूल के एक शिक्षक को बच्चे के मोबाइल नंबर से आपत्तिजनक संदेश मिला। संदेश देखकर शिक्षक को पता चल गया था कि यह हरकत बच्चे की नहीं है, क्योंकि उसे ढंग से अक्षर लिखने ही नहीं आते। इसके बाद बच्चे और उनके अभिभावकों को स्कूल बुलाकर काउंसलिंग की, तब पता चला कि बच्चा अपने किसी जानकार का मोबाइल इस्तेमाल कर रहा था। बच्चे को संदेश के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। इसके बाद जिन अभिभावकों के पास स्मार्टफोन या इंटरनेट की सुविधा नहीं है उन बच्चों को हफ्ते में एक बार स्कूल बुलाकर कांसेप्ट समझा देते हैं। - सीमा, प्रिंसिपल, जीएमएसएसएस धनास
बच्चे ने शिक्षक को भेजी टिकटोक वीडियो
स्कूल के हर कक्षा के ग्रुप में स्कूल प्रमुखों को भी जोड़ा गया है जिससे हर गतिविधि पर नजर बनी रहे। एक-दो बार बच्चों की तरफ से शिक्षकों को टिकटोक वीडियो भेजी गई। शिक्षक के आपत्ति करने पर बच्चे और उनके अभिभावकों की कॉल पर काउंसलिंग की। अभिभावकों को ऑनलाइन कक्षा के लिए बच्चों को मोबाइल देने के दौरान उनकी गतिविधियों का ध्यान रखने के लिए भी समझाया गया। - संजीव अरोड़ा, प्रमुख, जीएमएचएस- 41
बच्चे देर रात तक कई बार शिक्षकों को भेज देते हैं संदेश
ऑनलाइन कक्षा के कारण छोटे बच्चों के हाथ में भी मोबाइल आ गया है, जिन्हें इसका सही से इस्तेमाल ही नहीं करना आता। कई शिक्षकों ने बताया कि बच्चों के नंबर से देर रात को भी गुड नाइट के संदेश और फोटो आदि मिलती रहती है। इससे कई बार खासकर महिला शिक्षकों को थोड़ी आपत्ति होती है। हालांकि शिक्षक बच्चों की लगातार कॉल पर काउंसलिंग कर रहे हैं जिससे अब ऐसी हरकतें बहुत कम हो गई हैं। - सवर्ण सिंह कंबोज, अध्यक्ष, यूटी कैडर एजुकेशन एम्प्लाइज