हरियाणा के सभी कॉलेजों को अपने-अपने संस्थानों में एक शिक्षक को पासपोर्ट अधिकारी के तौर पर नियुक्त करना होगा। ये अधिकारी पासपोर्ट बनवाने की पूरी प्रक्रिया में विद्यार्थियों की मदद करेंगे। काफी विद्यार्थियों को पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया का पता नहीं है। उच्च शिक्षा निदेशक ने सभी सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों को इस संबंध में निर्देश दे दिए हैं।
सरकार कॉलेजों में अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क पासपोर्ट बनवाने की योजना चला रही है। जिसमें विद्यार्थियों की अभी तक अधिक रुचि नहीं देखी जा रही। इसके मद्देनजर उच्चतर शिक्षा निदेशक ने फिर सभी कॉलेजों के प्रिंसिपल को पत्र लिखकर विद्यार्थियों को पासपोर्ट बनवाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।
उच्च शिक्षा निदेशक ने कहा कि आम तौर पर देखने में आया है कि हरियाणा के सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में पढ़ने वाले काफी विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए विदेश नहीं जा पाते हैं। क्योंकि, उन्हें अच्छी यूनिवर्सिटी के बारे में ज्ञान ही नहीं होता, जिससे विदेश में उनकी नौकरी की संभावनाएं भी कम हो जाती हैं। इसे देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि स्नातक व परास्नातक के अंतिम वर्ष की कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के पासपोर्ट कॉलेज में ही बनवाने की योजना शुरू की जाए।
यह समय की जरूरत है। राज्य के विद्यार्थियों को यह समझाया जाए कि भारत से बाहर भी उच्च शिक्षा के लिए अच्छी यूनिवर्सिटी और कॉलेज हैं। जहां वे पढ़ाई कर अच्छी नौकरी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी भी पासपोर्ट अधिकारी की नियुक्ति कर सकती हैं।