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पीयू से संबद्ध कॉलेजों के शिक्षक 300 दिन के अवकाश नकदीकरण के हकदार : हाईकोर्ट

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पीयू से संबद्ध कॉलेजों के शिक्षक 300 दिन के अवकाश नकदीकरण के हकदार : हाईकोर्ट
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डीएवी कॉलेज के रिटायर्ड प्रोफेसर को राहत, 67 दिन का बकाया भुगतान दो माह में करें
माई सिटी रिपोर्टर

चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय से संबद्ध गैर-सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों के लिए अहम फैसला सुनाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अर्जित अवकाश के मामलों में वे पंजाब सिविल सेवा नियम (सीएसआर) से शासित होंगे और अधिकतम 300 दिनों तक के अवकाश नकदीकरण के हकदार हैं।
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चंडीगढ़ के सेक्टर-10 के डीएवी काॅलेज के एक सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर ने 180 दिनों के बजाय 247 दिनों के अर्जित अवकाश के नकदीकरण की मांग की थी। अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता ने अगस्त 1986 में डीएवी कॉलेज में कार्यभार संभाला था और बाद में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर पदोन्नत हुए। 31 दिसंबर 2018 को सेवानिवृत्ति के समय उनके खाते में 247 दिनों का अर्जित अवकाश शेष था जबकि कॉलेज प्रबंधन ने केवल 180 दिनों का ही नकदीकरण किया। पीठ के समक्ष यह तर्क रखा गया कि डीएवी कॉलेज भले ही सरकारी कॉलेज नहीं है लेकिन यह सरकारी सहायता प्राप्त संस्थान है और पंजाब यूनिवर्सिटी से संबद्ध है। विश्वविद्यालय के कैलेंडर के अध्याय-10 में स्पष्ट प्रावधान है कि संबद्ध गैर-सरकारी कॉलेजों के शिक्षकों पर अवकाश संबंधी मामलों में सीएसआर लागू होगा। हाईकोर्ट ने कहा कि कैलेंडर के संबंधित खंड के अवलोकन से यह निर्विवाद रूप से स्पष्ट है कि ऐसे शिक्षकों के लिए अर्जित अवकाश के संबंध में सीएसआर लागू होता है। सीएसआर के अनुसार कर्मचारी अधिकतम 300 दिनों तक के अर्जित अवकाश का नकदीकरण पाने के पात्र हैं। अदालत ने पाया कि सेवानिवृत्ति के समय याचिकाकर्ता के खाते में 247 दिन की अर्जित छुट्टी शेष थी जो निर्धारित अधिकतम सीमा से कम है। ऐसे में वह पूरे 247 दिनों के नकदीकरण के हकदार हैं। हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को शेष 67 दिनों के अवकाश का नकदीकरण दो माह के भीतर करने का निर्देश दिया। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया गया तो संबंधित प्राधिकरण को अवधि समाप्त होने के बाद 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ राशि अदा करनी होगी।
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