चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय शिक्षक एसोसिएशन यानी पुटा के चुनाव को लेकर रणनीतियां बन रही हैं। बुधवार को कई शिक्षकों ने बैठक कर निर्णय लिया कि पुटा का चुनाव अधिकारी सबके भरोसे वाला होना चाहिए। इस नियुक्ति एक व्यक्ति द्वारा न होकर, सबकी सहमति से की गई हो। इसके साथ ही यह भी चर्चा हुई कि तीन सीनियर प्रोफेसरों को पुटा चुनाव करवाने का जिम्मा दिया जा सकता है। हालांकि इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
बता दें कि पुटा का चुनाव सितंबर में होना है। इसके पुराने पदाधिकारियों ने जाते-जाते चुनाव अधिकारी नामित कर दिया था। चुनाव अधिकारी वही हैं जिन्होंने पिछले साल पुटा का चुनाव करवाया था। आरोप है कि चुनाव अधिकारी की कार्यशैली ठीक नहीं है। इसको लेकर पुटा अध्यक्ष पद की पूर्व उम्मीदवार डॉ. जयंती दत्ता समेत 19 लोगों ने शिक्षकों के लिए आम पत्र लिखा और चुनाव अधिकारी बदले जाने की मांग की। पुटा के पूर्व अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद खालिद ने भी यह मसला उठाया है। सूत्रों का कहना है कि शिक्षकों की बुधवार को हुई बैठक में कई निर्णय लिए गए। हालांकि यह प्लान अभी कच्चा है। इसे सभी शिक्षकों के समक्ष रखा जाएगा। उन्हें यह पसंद आएगा तभी योजना लागू की जाएगी।