चंडीगढ़ के रोहित शर्मा ने कमाल का जेसीबी बनाया। यह जेसीबी डीजल की बजाय बिजली से चालित बैट्री से नार्वे में दौड़ेगा। सबसे बड़ी खूबी इसकी यह है कि इसके चलने से प्रदूषण नहीं फैलेगा। नार्वे की कंपनियों को भी इस जेसीबी का इंतजार है। साथ ही जितनी पावर से डीजल का जेसीबी काम करता है उतनी ही ताकत से यह जेसीबी भी काम करेगा।
चंडीगढ़ के सेक्टर 38 निवासी युवा इंजीनियर रोहित शर्मा ने छह माह पहले हाइड्रोपावर एनर्जी स्टोरेज करके उस पर रिसर्च किया। छह माह तक उन्होंने कई प्रयोग किए और उसके बाद कमाल की मशीन बनाई। यह मशीन जेसीबी है। यह जून माह में बाजार में आएगा। इस जेसीबी के जरिये रोहित ने चंडीगढ़ का नाम भी रोशन किया।
पीटीयू से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद रोहित शर्मा नार्वे गए और वहां से एमटेक किया। उसके बाद वहीं नार्वे की राजधानी ओस्लो की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करना शुरू कर दिया। बेहतर कार्य की बदौलत वह कैटर पिलर कंपनी में प्रोजेक्ट हेड बन गए। रोहित शर्मा पिछले चार वर्षों से नार्वे में रह रहे हैं।