प्रशासन ने एक्साइज एंड टेक्सेशन विभाग को वित्त वर्ष 2016-17 के लिए 1764 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया है। यह लक्ष्य पिछले साल जुटाए गए 1424 करोड़ से 340 करोड़ रुपये अधिक है। हालांकि 2015-16 में 1680 करोड़ का लक्ष्य दिया गया था। स्थिति यह है कि 1680 करोड़ का लक्ष्य हासिल नहीं हुआ। फिर भी इसमें 84 करोड़ का इजाफा कर दिया गया। लगातार राशि बढ़ाने से अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।
एक्साइज एंड टेक्सेशन विभाग लक्ष्य कम कराने के लिए वित्त विभाग के अधिकारियों को चिट्ठी लिखेगा। सितंबर में बनने वाले रिवाइज्ड एस्टिमेट में लक्ष्य पर फैसला होगा। लक्ष्य बढ़ने से इसे प्राप्त करने के लिए अधिकारियों पर तो दबाव बढ़ेगा ही साथ ही व्यापारियों पर भी शिकंजा कसेगा। मार्केट में होने वाली विभाग की रेड बढ़ेगी। सभी एक्साइज एंड टेक्सेशन अफसर (ईटीओ) अपने-अपने वार्ड में वैट चोरी रोकने का प्रयास करेंगे।
पिछले साल 110 करोड़ अधिक जुटाए
वर्ष 2014-15 में विभाग ने 1314 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जुटाया था। जिसके मुकाबले वर्ष 2015-16 में 1424 करोड़ रुपये जुटाए। रेवेन्यू 110 करोड़ रुपये तो बढ़ा लेकिन 1680 करोड़ तक नहीं पहुंचा।
एयरपोर्ट शिफ्ट होने से प्रशासन को 35 करोड़ का फटका
एयरपोर्ट के मोहाली शिफ्ट होने से प्रशासन को एक साल में 35 करोड़ रुपये का फटका लगा है। इतना ही नहीं अब यह नुकसान हर साल उठाना होगा। पुराने एयरपोर्ट पर प्लेन के फ्यूल पर एक्साइज एंड टेक्सेशन विभाग को वैट मिलता था। इसके मोहाली में शिफ्ट होने के बाद वैट यूटी को मिलने की बजाए अब पंजाब और हरियाणा को मिल रहा है। हालांकि इसे चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से ही जाना जाता है।