पंजाबी मूवी एंड थिएटर अकादमी द्वारा पंजाब कला भवन के आडिटोरियम में शुक्रवार को तमाशा मोटियां दा और नवां जन्म का मंचन किया गया।
पुलिस के भ्रष्टाचार पर प्रहार करता इस नाटक में दिखाया गया कि किस तरह से थानेदार के ऐलान पर थाने के कर्मचारियों में खुद को पतला करने की ललक जागती है लेकिन भ्रष्टाचार के पैसों से मोटा हुआ शरीर पतला नहीं होता।
नाटक के निर्देशक दलजीत सिंह ने गुरशरण सिंह की इस कहानी को बखूबी से अपने निर्देशन से बांध दिया। दलजीत सिंह, कुलबीर सिंह, गगन, गौरव तुली, करण अरोड़ा, इक्कतर सिंह ने नाटक में अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय किया।
पंजाब कला भवन में ही नाटक नवां जन्म का मंचन भी किया गया। जिसमें जाति पाति के मुद्दे को उठाया गया। एक निम्न जाति और सरपंच के बीच चलने वाली इस कहानी में दिखाया गया कि नए समाज में ही जाति प्रथा को लोग नहीं छोड़ते। इस नाटक में इक्कतर सिंह, माइकल धीवान, गगन, कुलबीर सिंह, दलजीत सिंह ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं।