सूबे में प्राइवेट सेक्टर में अब तक के सबसे बड़े निवेश के तौर पर स्थापित तलवंडी साबो थर्मल प्लांट से प्रदेश को बिजली मिलना बंद हो गई है। राजपुरा थर्मल प्लांट में भी दो दिन का कोयला बचा है इस वजह से उसे भी क्षमता से कम पर चलाया जा रहा है।
इससे फिर से बिजली संकट गहरा गया है। भीषण गरमी की वजह से बिजली की मांग अचानक से 1350 लाख यूनिट से बढ़कर 1600 लाख यूनिट पार कर गई है। ऐसे में लोगों को कटों का सामना करना पड़ रहा है।
5 दिन में चलेगा, पर कमर्शियल सप्लाई नहीं
11 हजार करोड़ की लागत से मानसा जिले के गांव बनवाला में स्थापित तलवंडी साबो थर्मल प्लांट के पहले यूनिट में से 5 जून से कामर्शियल तौर पर रोजाना 500 मेगावाट बिजली शुरू हुई थी।
अब तीन दिन के बाद ही इस यूनिट को चेकिंग के लिए बंद कर दिया गया है। इसे करीब पांच दिन बाद दोबारा चलाया जाएगा। बावजूद इसके प्लांट कामर्शियल तौर पर पंजाब को बिजली सप्लाई नहीं कर सकेगा। प्लांट की ओर से करीब दो सप्ताह के बाद ही बिजली कामर्शियल तौर पर देना शुरू की जाएगी।
राजुपरा से मात्र 110-120 लाख यूनिट बिजली उत्पादन
उधर, राजपुरा थर्मल प्लांट में भी दो दिन से भी कम कोयला बचा है। फिलहाल प्लांट में केवल 16 हजार टन कोयला ही है। यह यूनिट रोजाना 8500 टन कोयले का इस्तेमाल करता है।
कोयला बेहद कम होने के चलते 160 लाख यूनिट बिजली पैदा करने की क्षमता वाले यूनिट को कम क्षमता पर चलाया जा रहा है। इससे इस प्लांट से पंजाब को रोजाना 110-120 लाख यूनिट बिजली ही मिल पा रही है।
दिन में तीन से चार घंटे कट
पंजाब में अचानक से पारे में बड़ा उछाल दर्ज किया जा रहा है। भीषण गरमी के चलते बिजली की मांग जहां पिछले दिनों 1350 लाख यूनिट रोजाना की थी, वहीं अब यह बढ़कर 1600 लाख यूनिट पार कर गई है।
बिजली की उपलब्धता कम होकर 1400 लाख यूनिट रह गई है। इससे पावरकाम को बिजली कट लगाने पड़ रहे हैं। दिन में तीन से चार घंटे के कट लग रहे हैं।
पैडी सीजन नजदीक, होगी परेशानी
ऊपर से पैडी सीजन भी बेहद नजदीक है। ऐसे में बिजली की उपलब्धता कम रहने से लोगों को आने वाले दिनों में और भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
चेकिंग के लिए तलवंडी साबो थर्मल प्लांट को बंद किया गया है। जल्द प्लांट कामर्शियली बिजली जनरेशन शुरू करेगा। शार्ट टर्म समझौतों के तहत खरीदी बिजली से काम चलाया जाएगा।
- सुरजीत सिंह भट्टी, पीआरओए पावरकाम