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आरक्षण आंदोलनः सरकार और जाटों की बैठक फिर रही बेनतीजा

Tue, 21 Feb 2017 09:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
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जाट आरक्षण आंदोलन - फोटो : अमर उजाला
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सरकार और जाट नेताओं के बीच सोमवार को पानीपत रिफाइनरी टाउनशिप में करीब साढ़े तीन घंटे तक तीन चरणों में चली दूसरे दौर की वार्ता भी सिरे नहीं चढ़ी। कयास लगाए जा रहे थे कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति और सरकार के बीच सुलह हो जाएगी, लेकिन पांच मांगों पर अब भी पेच फंसा है।
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पिछले आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए दंगों के आरोप में दर्ज केस वापस लेने के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जो चार दिन में फैसला करेगी। अन्य मांगों पर फैसला लेने के लिए समिति ने सरकार को सात दिन का समय दिया है।

इसके बाद फिर से तीसरे दौर की बातचीत की तिथि निर्धारित की जाएगी, तब तक धरने जारी रहेंगे। बातचीत के लिए सभी जिलों से समिति के पांच-पांच प्रतिनिधि पहुंचे थे। वार्ता के किसी नतीजे पर नहीं पहुंचने के साथ ही जाटों ने अब 26 फरवरी को काला दिवस मनाने की तैयारी शुरू कर दी है। 
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ये प्रस्ताव हुए थे पास

जाट आरक्षण आंदोलन - फोटो : अमर उजाला
समिति और ढेसी कमेटी के बीच दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुई बैठक में दो मांगों पर सहमति बन गई, जबकि स्थायी नौकरी समेत अन्य पांच मांगों के लिए सरकार ने सात दिन का समय मांगा। आरक्षण आंदोलन में गंभीर घायलों को पहले एक लाख रुपये देने की घोषणा थी, जिसे बढ़ाकर दो लाख कर दिया।

पिछले आंदोलन में दर्ज मुकदमों को निपटाने के लिए सरकार ने चार सदस्यीय कमेटी बनाकर विचार करने का फैसला लिया है। सरकार और जाट नेताओं के बीच तीन चरणों में शाम छह बजे तक बातचीत हुई।

वार्ता खत्म होने के बाद समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने प्रदेशभर में धरने चालू रखने और समिति के दिल्ली में प्रदर्शन समेत अन्य घोषित कार्यक्रमों को लगातार जारी रखने की चेतावनी दी है। मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने दूसरे दौर की बातचीत को सकारात्मक बताया और कहा कि सभी मांगों का बातचीत से जल्द समाधान निकाल लिया जाएगा।  
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