महिलाओं के लिए राहत भरी खबर। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने तलाक के एक केस में बड़ा ही अहम फैसला सुनाया है। इसके तहत विदेशी अदालत द्वारा दिए गए आदेशों में यदि कोई कानूनी खामी है तो उसे देश की अदालत में भी चुनौती दी जा सकती है।
यह अहम फैसला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आस्ट्रेलिया से पति को तलाक भेजने वाली महिला के पति की अपील पर सुनवाई के दौरान सुनाया। मामले में याचिकाकर्ता के वकील सुखविंदर सिंह नारा ने बताया की याचिकाकर्ता सुभाष कुमार करनाल का रहने वाला है।
याची भारतीय नागरिक है और उसका विवाह 2016 में स्वीटी जिंदल से हिंदू रीति- रिवाज से हुआ था। शादी के बाद लड़की अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए आस्ट्रेलिया चली गई और पति भारत में ही रह रहा था।
इसी बीच 2016 में युवती ने मेलबोर्न (आस्ट्रेलिया) की फेडरल सर्किट कोर्ट में तलाक की याचिका दायर कर दी थी। याचिका को कोर्ट ने मंजूर कर लिया था और तलाक का आदेश पारित कर दिया था।
यह तलाक का आदेश याची को भारत में प्राप्त हुआ, जिसके खिलाफ विदेश की कोर्ट में कोई अपील दायर न की गई थी। याची ने इस आदेश को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देने का फैसला लिया।