फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: ठंड में बरतें एहतियात, अस्थमा और दिल की बीमारी को दें मात

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। तापमान में आ रही गिरावट के कारण अस्थमा के साथ दिल के मरीजों की परेशानी बढ़ने लगी है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर मौजूदा समय में ऐसे मरीजों ने जरा सी भी लापरवाही बरती तो उनकी स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में उन्हें सलाह दी जा रही है कि दवाइयों को समय पर लेने के साथ ही ठंड से बचाव के उपाय और खानपान को लेकर एहतियात बरतें जिससे ठंड उन पर हावी ना हो सके।
विज्ञापन

फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ हनी साहनी का कहना है कि ठंड के प्रभाव से मरीज की श्वास नलियां सिकुड़ जाती हैं। इसके कारण उन्हें सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है और बलगम अधिक बनने लगता है। इसके कारण अस्थमा अटैक की आशंका काफी बढ़ जाती है। इस स्थिति में रोगी को दवाएं और इन्हेलर हमेशा अपने साथ रखना चाहिए। इसके अलावा डॉक्टर से हमेशा सलाह लेते रहें। सर्दी के मौसम में जहां तक हो सके बाहर जाने से बचें।
बॉक्स
ठंड में दिल का रखें खास ख्याल
ठंड के मौसम में हार्ट अटैक होने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए दिल के मरीजों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ अंकुर आहूजा ने बताया कि दिल के मरीजों को ठंड के मौसम में ज्यादा मेहनत नहीं करनी चाहिए। क्योंकि दिल पर किसी भी तरह का दबाव अटैक का कारण बन सकता है। वहीं शीत लहर शुरू होते ही कार्डियक अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं। सर्दियों के दौरान हृदय गति और रक्तचाप आमतौर पर अधिक होता है और शारीरिक गतिविधि भी कम हो जाती है। डॉ अंकुर ने बताया कि हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति को फ्लू का टीका जरूर लगवाना चाहिए। क्योंकि फ्लू होने के बाद दिल का दौरा पड़ने की आशंका लगभग 6 गुना अधिक होती है। डॉ अंकुर का कहना है कि दिल के मरीजों को धूम्रपान से परहेज करना चाहिए। बाहर निकलने से बचे। घर के अंदर व्यायाम करें अपने लिविंग रूम में योग या आसान एक्सरसाइज करें। वही खानपान में अधिक वसा और नमक लेने से बचें। फल और सब्जियों का सेवन अधिक मात्रा में करें।
विज्ञापन

इनसेट-
आयुर्वेदिक उपाय भी कारगर
आयुर्वेद के विशेषज्ञ डॉ सत्यदेव पांडेय ने बताया कि तिल, सरसों व जैतून के तेल की मालिश करें। दूध, हल्दी, तिल, गुड़, मूंगफली, अलसी के लड्डू, अजवाइन, मिश्रित मेवे (भूरे रंग वाले) आधी मुट्ठी, आंवला, नींबू, संतरे का सेवन करें। इससे शरीर को गर्मी मिलती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। अगर किसी मर्ज से ग्रस्त हैं तो डॉक्टर की सलाह के आधार पर ये चीजें लें।
विज्ञापन

इनसेट-
बच्चों को ठंड से बचाव के लिए ये करें
नहलाने के लिए गुनगुने पानी का प्रयोग करें।
ज्यादा से ज्यादा गर्म कपड़े पहनाएं।
मालिश के लिए गर्म तेल का प्रयोग करें।
थोड़ी देर धूप में रखें।
ठंडी चीजें खाने को न दें।
कोशिश रहे कि बच्चों का कान हमेशा ढका रहे।
सफाई का ध्यान रखें।
धूल और गंदगी से दूर रखें।
जन्म से 6 माह तक के बच्चों को सिर्फ मां का दूध पिलाएं।
प्री मैच्योर बच्चे को कंगारू केयर में रखें।
इनसेट-
ऐसे करें ठंड से बचाव
शरीर को ठंडा होने से बचाएं और गर्म रखें। पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और ठंड में रहने से बचें।
टोपी, स्कार्फ, मोजे जरूर पहनें।
खाना गरम खाएं और पानी भी गरम पिएं।
गीले कपड़े बिल्कुल भी न पहनें।
ठंड ज्यादा लगने पर तुरंत शरीर को गर्म करें।
अधिक पसीना बहाने वाली गतिविधि से बचें।
जाड़ों में कई बार प्यास नहीं लगती लेकिन शरीर में पानी की कमी रहती है इसलिए नियमित तौर पर गुनगुना या गर्म पानी पीते रहें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें