हरियाणा संस्कृति विभाग और संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से मेहताब आर्ट्स सोसायटी द्वारा बुधवार को टैगोर थिएटर में नाटक मीरा का मंचन किया गया। नाटक में मीरा की कृष्ण भक्ति दिखाई गई। उन्होंने श्री कृष्ण को अपने पति के रूप में स्वीकार कर लिया। उनके परिवार वाले राठौड़ और सुसोदियो का बैर खत्म करने के लिए मीरा की शादी भोजराज से कर देते हैं। इस रिश्ते को मीरा स्वीकार नहीं कर पातीं और घर परिवार को दरकिनार कर कृष्ण भक्ति में लीन रहती है। इसे उसके परिवार वाले स्वीकार नहीं करते और सजा के रूप में उसे मौत दे देते हैं।
नाटक में 30 अदाकारों ने एक्टिंग की है। इसमें मीरा के रोल में मंदीप, भोजराज के किरदार में अभिषेक बंसल, महंत (अनूप शर्मा), उदा के किरदार में सोनिका भाटिया, जयमल के रूप में कुलदीप कंबोज, बिरमदेव प्रबल चौहान, विक्त्रस्मजीत के किरदार में सुखदीप दुस्सर, संत रैदास के रूप में मेहताब विर्क, कृष्णा (आनंद प्रिया), मनीष कपूर ने कृष्ण के रूप में अपने अभिनय का जौहर दिखाया।
इनके अतिरिक्त परमिंदर सिंह बराड़, तनु, सिमरन, सोनी , दीक्षा, राजप्रीत, उमरप्रीत, सतनाम सिंह सत्ती, सुमनदीप सिंह, मनिंदर सिंह तथा लवदीप, ध्रुव शामिल रहे। संगीत निर्देशक जैसन थिंद के निर्देशन में गीतू सहोता और नेहा भट्ट ने आवाज दी। इसकी रूप सज्जा रणजीत सिंह और सतनाम सिंह ने की है और लाइट्स डिजाइन की जसपाल सिंह और हरप्रीत सिंह विर्क ने किया है।