टैगोर थिएटर में शनिवार की शाम शायरी और कव्वाली के नाम रही। मशहूर साबरी ब्रदर्स फरीद साबरी और अमीन साबरी के अलावा जाने माने शायर वसीम बरेलवी, नौमान शौक, गुलजार देहलवी, फरहत एहसास, नाशिर नकवी, राजेश रेड्डी, मनीष शुक्ला, लियाकत जाफरी और शम्स तबरेजी ने प्रस्तुति दी। यह कार्यक्रम दिल्ली की रेख्ता फाउंडेशन की ओर से करवाया गया। इसका मकसद उर्दू भाषा, साहित्य, कला और सभ्यता को बढ़ावा देना और आम आदमी तक उर्दू भाषा की मिठास पहुंचाना है।
दिल्ली से बाहर पहली बार कर रहे परफॉर्म
Shayri Program
- फोटो : Amar ujala
रेख्ता फाउंडेशन की स्थापना 2011 में हुई थी और यह संस्था हर साल ‘जश्न ए रेख्ता’ बैनर तले तीन दिन का फेस्टिवल दिल्ली में करवाती है। इसमें लाइव परफॉर्मेंस के साथ-साथ पैनल डिस्कशन और फिल्मों की स्क्रीनिंग की जाती है। फाउंडेशन की एक सदस्य ने बताया कि अब तक हम दिल्ली में ही ऐसे कार्यक्रम आयोजित करवाते थे और दिल्ली से बाहर पहली बार परफॉर्म करने के लिए चंडीगढ़ को चुना।
उर्दू जिसे कहते हैं तहजीब का चश्मा है
वो शख्स मोहज्जब है जिसको ये जबां आई।