हरियाणा में बड़ी संख्या में किसान रोजाना नए कानूनों के समर्थन में आ रहे हैं। सोमवार को हरियाणा युवा किसान संघर्ष समिति दिल्ली पहुंची और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी। समिति अध्यक्ष व अटेली विधानसभा से पूर्व विधायक नरेश यादव ने तोमर के समक्ष एसवाईएल (सतलुज-यमुना लिंक नहर) के निर्माण व पंजाब से पानी दिलाने का मुद्दा उठाया।
इसे पंजाब सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। चूंकि, किसान आंदोलन के मुख्य अगुवा पंजाब के किसान ही हैं। यादव ने तोमर से मांग की है कि एसवाईएल का निर्माण केंद्र सरकार करवाए और हरियाणा को उसके हिस्से का पानी दिलाएं। पानी न मिलने से दक्षिण हरियाणा के साथ भेदभाव हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट नहर निर्माण को लेकर पहले ही निर्देश जारी कर चुका है।
किसान आंदोलन राजनीतिक साजिश का हिस्सा बनता दिख रहा : समिति
युवा किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेश यादव व सदस्य कैलाश पहलवान, दिनेश, जगमोहन यादव, सुरेश, सुखा लाल, ओमप्रकाश व जयंत यादव ने कहा कि वर्तमान किसान आंदोलन राजनीतिक साजिश का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है। यह एसवाईएल के मुद्दे को गौण करने का राजनीतिक षड्यंत्र है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर पंजाब ने पानी न दिया तो समिति दक्षिण हरियाणा के किसानों को साथ लेकर आंदोलन करने पर मजबूर होगी।