चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में आगामी नैक दौरे को देखते हुए रविवार को ऑनलाइन माध्यम में सीनेट बैठक हुई। इसमें पीयू वीसी प्रोफेसर राजकुमार को सीनेट सदस्यों ने सर्वसम्मति से जब तक सिंडिकेट का गठन नहीं होता, तब तक के लिए सिंडिकेट की ताकतें दे दीं।
इस पर कई वरिष्ठ सीनेटरों प्रो. कुलदीप अग्निहोत्री, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन, प्रो. एचएस बेदी सहित अन्य ने सहमति जताई। वहीं नॉन-टीचिंग एससी-एसटी कैटेगरी कर्मचारियों को आरक्षण देने के मामले में कमेटी बनाई जाएगी, क्योंकि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं और पंजाब में चुनाव के कारण आचार संहिता लगी है, इसलिए इसे पास नहीं किया गया।
बैठक की शुरुआत में कुलपति प्रो. राजकुमार ने पीयू एलुमनी प्रो. एचएस बेदी और डॉ. जितेंद्र कुमार बजाज को पद्मश्री अवार्ड के लिए हुए चयन के लिए बधाई दी। पिछले महीने में पीयू फैकल्टी को विभिन्न एजेंसियों से मिली ग्रांट को लेकर भी उनकी प्रशंसा की गई। सीनेट बैठक में करीब 60 सदस्य उपस्थित रहे।
डीयूआई प्रो. एसके तोमर ने कहा कि नैक दौरे को देखते हुए पीयू के लिए 9 पॉलिसी बनाई जानी है। हालांकि सीनेटरों ने आपत्ति जताई कि उनके पास पॉलिसी का ड्राफ्ट नहीं है तो बैठक में वे पॉलिसी पर क्या सुझाव दें, इसलिए एक बार पॉलिसी बनने के बाद उसे सीनेट पेश में किया जाना चाहिए और सीनेट बैठक ऑफलाइन आयोजित करवाकर उस पर चर्चा करवाई जानी चाहिए।
सीनेटर संदीप कटारिया ने कहा कि पॉलिसी बनने के बाद सीनेटरों के साथ ऑफलाइन बैठक में चर्चा के लिए आनी चाहिए। सीनेटर डॉ. दिनेश कुमार ने पीयू के सभी विभागों में शिक्षकों की भर्ती के मुद्दे को उठाया, क्योंकि नैक दौरे में विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा। अभी सिंडिकेट की ताकतें भी कुलपति को मिल गई हैं तो पहले भर्ती पर काम करवाया जाना चाहिए।
नैक दौरे के मद्देनजर बनेगी 9 पॉलिसी
विशेषज्ञों की टीम बनाकर पीयू की ओर से जो 9 पॉलिसी बनाई जाएगी, उसमें रिसर्च पॉलिसी, इंक्यूबेशन एंड स्टार्ट अप पॉलिसी, आईटी पॉलिसी, रख-रखाव-उपयोग नीति, अकादमिक स्पोर्ट्स सुविधाएं, प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, कंप्यूटर क्लासरूम इत्यादि, रिसोर्स मोबिलाइजेशन पॉलिसी, लैंगिक समानता और वार्षिक लैंगिक संवेदनशीलता नीति, वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी इत्यादि शामिल है।
पीयू को पूरी तरह नहीं खोला तो विद्यार्थी करेंगे घेराव
विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व करने वाले सीनेटर डॉ. सिमरनजीत ढिल्लों ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी को पूरी तरह से खोला जाना चाहिए, क्योंकि नैक दौरे में उन्होंने विद्यार्थियों से भी फीडबैक लेने हैं और विद्यार्थियों में अभी यूनिवर्सिटी के खिलाफ रोष है। अगर जल्द फैसला नहीं लिया तो विद्यार्थी कैंपस घेराव की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ सीओई दफ्तर में विद्यार्थियों की ओर से दी शिकायतों का जल्द निपटारा किया जाए। सीनेटर डॉ. प्रवीन गोयल ने फैकल्टी की लॉग-इन आईडी बनाने का सुझाव दिया, जिससे हर फैकल्टी का काम सबके सामने आ सके। इससे यूनिवर्सिटी के पब्लिक परसेप्शन में सुधार होगा, जो नैक का अहम मानदंड है।