अरविंद केजरीवाल मोदी पर लगातार तीखे हमले बोलते हैं।
सतलुज यमुना लिंक नहरकेस में दिल्ली जल बोर्ड के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा के हक में लिखित राय दी तो उसे हटा दिया गया। इसके बाद दिल्ली सरकार ने उसकी सेवाएं खत्म करने का फैसला किया है।
दिल्ली सरकार इस मामले में अब नए सिरे से लिखित राय पेश करेगी। आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि जैसे ही उन्हें जल बोर्ड के वकील सुरेश त्रिपाठी की मनमानी का पता चला, उन्होंने सीएम अरविंद केजरीवाल से बात की
जांच में पता चला कि त्रिपाठी ने लिखित राय देने से पहले जल बोर्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑपरेटर व चेयरमैन से कोई बात नहीं की। बल्कि, दिल्ली सरकार के स्टैंड के खिलाफ राय पेश कर दी। दिल्ली सरकार ने त्रिपाठी की सेवाएं खत्म करने का फैसला किया है।
सूबा कन्वीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर और सांसद भगवंत मान ने इस मामले में शिअद-भाजपा और कांग्रेस पर घटिया राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एसवाईएल के मुद्दे पर वॉलंटियर से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक सभी का स्पष्ट स्टैंड है कि पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं है।